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22 फरवरी, 2020|6:14|IST

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केन्द्र को बिहार ने दिया दो टूक जवाब, पहले बिजलीघरों को पूरी क्षमता से चलाने का रास्ता बताएं

बिहार ने कोयला संकट के मद्देनजर केन्द्र को दो टूक जवाब दे दिया। यही नहीं बिहार ने केन्द्र से इस मुद्दे पर तत्काल गंभीरता से विचार करने और निदान निकालने को कहा है। कोलकाता में पूर्वोत्तर राज्यों के बिजली बोर्डो की बैठक में बिहार ने केन्द्र की क्षमता अभिवृद्धि की नसीहत को फिलहाल खारिज कर दिया।

उसने कहा कि इस समय पहली समस्या मौजूदा बिजलीघरों को उनकी क्षमता के अनुरूप चलाना है और इसके लिए प्रयास होना चाहिए। बिहार ने अपनी क्षमतावृद्धि की भी विस्तार से रूपरेखा पेश की। पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा ने भी बिहार की बातों का समर्थन किया और कहा कि वे भी कोयला संकट से जूझ रहे हैं और पहले इस समस्या का हल ढूंढ़ा जाना चाहिए। बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा मंत्रालय के अपर सचिव गिरीश प्रधान ने की।

बिहार बिजली बोर्ड के अध्यक्ष स्वप्न मुखर्जी ने बैठक में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि इस समय पूर्वोत्तर का कोई बिजलीघर अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं चल रहा है, लिहाजा इस समस्या पर अधिक गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इन बिजलीघरों को पर्याप्त ईंधन मिल जाए तो उत्पादन स्वाभाविक रूप से दोगुना हो जाएगा। क्षमता अभिवृद्धि भविष्य की योजना है और मौजूदा संकट से निदान के बाद ही उस पर विचार हो।

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  • Web Title:केन्द्र को बिहार ने दिया दो टूक जवाब