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जल्द ही कैदियों के हाथ्‍ा में होगी डिग्री

पिस्टल व चाकू थामने वाले हाथों में जल्द ही राजनीति शास्त्र व अंग्रेजी साहित्य की किताबें होंगी और बदन पे लंबा गाऊन व सिर पर टोपी। दरअसल गाजियाबाद की डासना जेल में लंबे अर्से से कैदियों को सुधारने की कोशिशें की जा रही हैं। इसी कड़ी में अब कैदियों को ग्रेज्यूएट व पोस्ट ग्रेज्यूएट शिक्षा दिलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सब-कुछ ठीक चलने पर इसी सत्र में इग्नू का नोडल सेंटर जेल में ही स्थापित कर दिया जाएगा। इग्नू का नोडल सेंटर स्थापित होने के साथ ही डासना जेल प्रदेश की ऐसी दूसरी जेल होने का गौरव भी हासिल कर लेगी,जहां कैदियों को ग्रेज्यूएशन कराई जाएगी। साथ ही कैदियों का एग्जाम भी जेल परिसर में ही लिया जाएगा।

गौरतलब है कि मौजूदा समय में डासना जेल में लगभग 4200 कैदी हैं। जिनमें से कई कैदी इंटर पास हैं अथवा ग्रेज्यूशन की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर अपराध के रास्ते पर पड़ गए।


जेल अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि जेल में बंद कैदियों को बेहतर तालीम के जरिये समाज की मुख्यधारा में जोड़ने की कोशिशों में यह कार्य मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि इग्नू के डायरेक्टर से इस संबंध में बातचीत हो गई है। साथ ही जेल में इग्नू का नोडल सेंटर स्थापित कर सजायाफ्ता मुजरिमों का एग्जाम भी जेल परिसर में ही लिया जाए,इसके लिए भी लिखित में इग्नू को भेज दिया गया है।


जेल अधीक्षक के मुताबिक इग्नू ने जेल में अपना नोडल सेंटर बनाने के लिए हामी भर दी है। साथ ही कैदियों की संख्या के अनुरूप परीक्षक की मदद से एग्जाम भी लिया जाएगा। कैदियों को ग्रेज्यूएशन की शिक्षा दिलाने का कार्य इसी सत्र से आरंभ किया जाएगा। उनके अनुसार जेल में कैदियों को ग्रेज्यूएशन कराने व जेल परिसर में ही एग्जाम लेने के लिए अब तक प्रदेश में केवल लखनऊ में ही नोडल सेंटर बना है।

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