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टेंट माफियाओं की अफसरों से मिलीभगत:अध्यक्ष

टेंट माफियाओं से अफसरों की मिलीभगत है जिसके चलते नौ समुदाय भवनों का कब्जा आज तक नहीं लिया जा सका है। यह आरोप स्थायी समिति के अध्यक्ष ने लगाया है तथा निर्देश दिए हैं कि ऐसे अफसरों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। हालाकि एक बार फिर निगमायुक्त ने आश्वासन दिया कि वे शीघ्र ही कब्जे हटाएंगे और स्वयं इस मामले को मॉनीटर करेंगे।


बुधवार को स्थायी समिति में यह मसला एक बार फिर भाजपा की मीरा अग्रवाल ने उठाते हुए कहा कि आखिर समुदाय भवन कब खाली होंगे। इन्हें खाली कराकर निगम स्वयं बुकिंग करे ताकि टेंट माफियाओं का कब्जा खत्म हो सके। जब इनका समय खत्म हो चुका है तब अदालत के स्टे से क्या मतलब है। स्थायी समिति अध्यक्ष रामकिशन सिंघल ने कहा कि टेंट वालों से अफसर मिले हुए हैं जिसके चलते इन्हें खाली नहीं कराया जा सका है और जो खाली कराने की बात अफसर करते हैं वे ऐसे थे जो खराब थे और उनके टेंट माफियाओं को कोई आमदनी नहीं हो रही थी। पार्षद अवतार सिंह हित ने कहा कि पार्क भी टेंट वालों के बुक हो जाते हैं लेकिन आम आदमी के नहीं। पार्षद रजिया सुलताना ने सिक्योरिटी वापस नहीं करने का आरोप लगाया। आयुक्त के.एस.मेहरा ने कहा कि जिन समुदाय भवन से एनजीओ का समय पूरा हो रहा है उसे वापस लिया जा रहा है। नौ समुदाय भवन  के मामले में अदालत से 20 तक का स्टे है तथा इसे वे स्वयं देखेंगे और समुदाय भवनों को खाली कराएंगे।

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