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प्ले स्कूलों में बच्चे आग के मुहाने पर

शहर के पॉश इलाकों में चल रहे ज्यादातर प्रीपेटरी और प्ले स्कूलों में फायर सिक्योरिटी सिस्टम की कोई व्यवस्था नहीं है। फायर सिक्योरिटी कमेटी को इसकी कोई चिंता नही है।

फायर सिक्योरिटी कमेटी की लापरवाही के चलते शहर के सभी प्रीपेटरी और प्ले स्कूलों को फायर सिस्टम लगवाने वाली स्कूलों की सूची में शामिल नहीं किया है। फायर सिक्योरिटी कमेटी ने जिले के सभी स्कूलों में फुल प्रूफ फायर सिक्योरिटी सिस्टम लगवाने के लिए डीआईओएस और बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्कूलों की सूची बनाने का निर्देश दिया था। शहर के प्रीपेटरी और प्ले स्कूलों का लेखाजोखा न तो डीआईओएस के पास है और न ही बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास है। प्रीपेटरी स्कूलों में ज्यादातर 3 से 5 साल के बच्चे ही पढ़ने के लिए आते हैं। इस लिहाज से प्रीपेटरी और प्ले स्कूलों में ही फुल प्रूफ फायर सिक्योरिटी सिस्टम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया की प्रीपेटरी और प्ले स्कूलों में भी फुल प्रूफ फायर सिक्योरिटी सिस्टम की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने माना की उनसे भूल हुई है और कल तक इन स्कूलों की सूची तैयार करने का आश्वासन भी दिया है।

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