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पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हो सकता है हमला

पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हो सकता है हमला

एक अमेरिकी पत्रिका ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर आतंकवादी संगठन तालिबान और अन्य गुटों के हमले का खतरा मंडरा रहा है और इस बात का ‘वास्तविक’ खतरा है कि आतंकवादी परमाणु बम या उसे बनाने की सामग्री पर कब्जा कर सकते हैं।

अमेरिकी सैन्य अकादमी की पत्रिका द कोम्बैटिंग टेरिरिज्म सेंटर के जुलाई के अंक में छपे एक लेख में इसका खुलासा किया गया है। इस के लेखक शौन ग्रेगरी ने पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हुए तीन हमलों के बारे में ब्यौरा दिया है। इस बात की चेतावनी दी गई है कि पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों में आंतकवादियों की घुसपैठ हो सकती है।

ग्रेगरी ने अपने लेख में दावा किया है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों, उनके कुछ हिस्सों या परमाणु तकनीक के आतंकवादियों तक स्थानांतरित होने का ‘वास्तविक’ खतरा है। उन्होंने बताया कि परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने वाले पाकिस्तानी सेना के जवानों को चुनने की प्रक्रिया के दौरान आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले सैनिकों को अलग रखा जाता है। इसके अलावा परमाणु हथियारों की सुरक्षा के लिए उन्हें विखण्डित करके जमीन के अंदर बनें केंद्रों में रखा गया है।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान सेना के रणनीतिक योजना खंड के करीब आठ हजार से दस हजार जवान और अन्य खुफिया एजेसिंया पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और निगरानी में लगी हैं।

ग्रेगरी ने आरोप लगाया कि इन सुरक्षा उपायों के बावजूद इस बात के ठोस सबूत हैं कि पाकिस्तान की परमाणु सुरक्षा व्यवस्था में कई सारी कमियां हैं और इसे आसानी से भेदा जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत के संभावित हमले के भय से पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियार प्रतिष्ठान देश के उत्तर और पश्चिमी इलाके में स्थापित कर रखे हैं और यह क्षेत्र राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी जैसे बडे¸ शहरों के नजदीक हंै।

उन्होंने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान के ज्यादातर परमाणु प्रतिष्ठान तालिबान और अलकायदा आतंकवादियों के प्रभाव वाले इलाकों से सटे हैं या उनके अंदर स्थित हैं। ग्रेगरी ने तीन हमलों का उदाहरण देते हुए बताया कि नवंबर 2007 में पाकिस्तान के परमाणु मिसाइल केंद्र पर हमला हुआ। इसके एक महीने बाद परमाणु हथियारों से युक्त हवाई ठिकाने पर हमला हुआ।

अगस्त 2008 में पाकिस्तानी तालिबान ने देश के एक प्रमुख परमाणु हथियार बनाने वाले प्रतिष्ठान पर हमला करके उसके कई प्रवेश द्वारों को ध्वस्त कर दिया था। ऐसा माना जाता है कि पाकिस्तान के पास करीब 500 से 800 किलोग्राम उच्च परिष्कृत यूरेनियम हैं जिससे 30 से 50 बम बनाए जा सकते है।

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  • Web Title:पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हो सकता है हमला