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भारत में स्वाइन फ्लू ने ली 17वीं जान

भारत में स्वाइन फ्लू ने ली 17वीं जान

स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर बुधवार को पांच और लोगों की मत्यु हो जाने के बाद देश भर में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 17 हो गई है। इनमें से अकेले पुणे में ही बुधवार को चार लोगों की मत्यु हुई है। केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित क्षेत्रों से एहतियाती कदम उठाने को कहा है।

पुणे के ससून अस्पताल में बुधवार को दो महिलाओं और दो पुरुषों की मौत हो गई। इस तरह अब तक केवल पुणे में ही इस बीमारी से मरने वालों की संख्या दस और पूरे महाराष्ट्र में 13 हो गई है। पुणे में आज मरने वालों में श्रावणी देशपांडे (29 वर्ष), नीता मेघानी (50 वर्ष), बालू कुलंद (33 वर्ष) और गौतम शालार (48 वर्ष) हैं। नासिक में इस बीमारी से मरने वाले पहले शख्स 38 साल के डा रुपेश गंगुर्डे हैं। आज सुबह नासिक सिविल अस्पताल में उनकी मौत वायरल संक्रमण से हुई।

अब तक देश भर में पुणे में दस और मुंबई में दो लोगों के अलावा एक एक व्यक्ति की नासिक, अहमदाबाद, वडोदरा, चेन्नई और तिरुवनंतपुरम में इस बीमारी से मत्यु चुकी है जबकि कुल 1000 मामले सामने आए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने स्वाइन फ्लू सहित नए किस्म के रोगों के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इनके नियंत्रण में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

दिल्ली में बुधवार को इंफ्लूएंजा़ (एच1एन1) के 15 नए मामले सामने आने के साथ ही ऐसे कुल मामलों की संख्या बढ़कर 257 हो गई। आज जो नए मामले आए उनमें 12 पुष्टि हुए रोगी के संपर्क से आए है।

इस बीच सरकार ने देश में घातक इंफ्लूएंजा़ (एच1एन1) के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण और उसके संदिग्ध रोगियों के नमूनों की जांच के लिए देश के विभिन्न भागों में 16 प्रमुख प्रयोगशालाओं का उन्नयन करके उन्हें जांच के लिए पूर्ण सक्षम बनाया है और निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाओं को भी नियंत्रण के दायरे में शामिल करने का फैसला किया गया है।

देश में इस तरह की जांच के लिए पहले केवल दो प्रयोगशालाएं दिल्ली में राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (एनआईसीडी) और पुणे में नेशनल इंस्टिटयूट ऑफ वायरोलाजी (एनआईवी) उपलब्ध थीं लेकिन स्वाइन फ्लू के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इन नई प्रयोगशालाओं को तैयार किया गया है।

ताजा जानकारी के अनुसार दिल्ली के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री हारून यूसुफ के दो बच्चे स्वाइन फ्लू से ग्रस्त हो गए हैं। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंत्री के 10 और 8 वर्ष के दो बेटों की एच1एन1 जांच कराए जाने पर पता चला कि ये बच्चे स्वाइन फ्लू से प्रभावित हैं । संस्कृति स्कूल में पांचवीं और छठी कक्षा में पढ़ने वाले इन बच्चों को शुरू में फ्लू जैसी बीमारी की शिकायत थी। बाद में इन बच्चों का एच1एन1 जांच के बाद पाया गया कि ये स्वाइन फ्लू से ग्रस्त है।

इस बीमारी से निपटने में केन्द्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए सभी राज्यों और केन्द्र शासित क्षेत्रों में केन्द्रीय दल भेजे गए हैं। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कल व्यक्तिगत तौर पर इन दलों से बातचीत की और मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क किया था। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव नरेश दयाल टैमी फ्लू की जमाखोरी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि टैमी फ्लू की कोई कमी नहीं है और इसकी कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव विनीत चौधरी ने सभी राज्य सरकारों से टैमीफ्लू और इस रोग से बचाव के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मास्क का पर्याप्त भंडार बना लेने को कहा।

उधर, दिल्ली नगर निगम ने स्वाइन फ्लू वायरस के खिलाफ व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करने वाली टिनोस्पोरा (गुलंच या गिलोई) और तुलसी के पौधे मुफ्त मुहैया कराने की घोषणा की। योग गुरु रामदेव ने लोगों से कहा था कि वे स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए टिनोस्पोरा (गुलंच या गिलोई) के पौधे का रस और तुलसी के पत्तों का रस लें जो उनके श्वसन तंत्र और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर स्वाइन फ्लू से बचाव कर सकता है।

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