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28 फरवरी, 2020|6:06|IST

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पुलिस की मौजूदगी में हुई वारदात, घायल की हालत गंभीर

जिला न्यायालय परिसर में सुनवाई के लिए आये बंदी ने सैकड़ों लोगों की भीड़ और पुलिस की मौजूदगी में गवाह का गला रेत डाला। गवाह आरोपी के खिलाफ गवाही के लिए आया था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद पुलिसकर्मी मौके से भाग खड़े हुए। बाद में आरोपी को लोगों ने पकड़ लिया। घायल को गंभीर हालत में सीजेएम की गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से आगरा रेफर कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक एसआरएस आदित्य ने अभिरक्षा में लगे दोनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। उधर, वकीलों ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध न कराए जाने तक हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है।

घटना मंगलवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे की है। अलीगढ़ जेल से पुलिस अभिरक्षा में पेशी के लिए हत्याभियुक्त चमन पुत्र इकराम को जब जिला न्यायालय लाया गया तो  कोर्ट परिसर में ही मुकदमे की पैरवी करने के लिए शब्बीर पुत्र शफी मोहम्मद निवासी गांव सेमरा थाना खंदौली मौजूद था। चमन को हवालात से कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था तो उसके भाई इसरार ने मुलाकात के बहाने उसे छुरा दे दिया।

पुलिस कर्मियों के सामने ही चमन ने शब्बीर का गला रेत डाला। करीब आधे घंटे बाद घायल गवाह को गंभीर हालत में सीजेएम की गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से आगरा रेफर कर दिया गया। घटना के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। इधर लोगों ने अरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। जानकारी मिलने पर डीएम, एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए।

शब्बीर के साथ तारीख पर आए प्रत्यक्षदर्शी अख्त्यार पुत्र वहीद ने बताया कि गांव के चमन ने 31 जनवरी, 2007 को उसके भतीजे हासिम व शब्बीर के पुत्र रेहान की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इसी मामले की आज तारीख थी। इस मामले में अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई है। एसपी एसआरएस आदित्य ने तत्काल प्रभाव से पुलिस अभिरक्षा में लगे दोनों पुलिस कर्मियों रामसिंह और उपेन्द्र सिंह को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने एएसपी को दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

 

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  • Web Title:कोर्ट परिसर में हत्यारोपी ने गवाह का गला रेता