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आखिर सुन ली गई, पिता की फरियाद, कब्र से निकालकर होगा शव का पोस्टमार्टम

गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के ताजपुर डेहमा निवासी शकील अहमद के बेटे शाहंशाह की मौत सड़क हादसा थी या कुछ और यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए दर-दर भटक रहे पिता को न्याय की उम्मीद जग गयी है। पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश ने भीमपुरा के थानाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि यदि कोर्ट ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को स्वीकार न किया हो तो उसे वापस लेकर शव के पोस्टमार्टम की कार्रवाई करें।

उल्लेखनीय है कि ताजपुर डेहमा निवासी शकील अहमद का पुत्र शाहंशाह यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा देने भीमपुरा थाना क्षेत्र के बलेसरा गांव आया था जहां गांव के बाहर उसका खून से लथपथ शव मिला था। पुलिस ने इसे सड़क हादसा मानते हुए शव को बिना पोस्टमार्टम कराये ही उसके गांव ले जाकर दफना दिया। शकील को आशंका थी कि उसके बेटे की हत्या की गयी है वह कोर्ट की शरण में गया।

न्यायालय के निर्देश पर भीमपुरा पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी तो दर्ज कर ली, लेकिन विवेचना के दौरान शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। शकील अहमद ने बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए दर-दर गुहार लगायी और पुलिस महानिदेशक से भी शिकायत की। उनकी इस लड़ाई में हिन्दुस्तान भी मददगार बना। खबर छपने पर एसपी ने छानबीन की तो पता चला कि मामले की विवेचना कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी गयी है। उधर डीआईजी केके त्रिपाठी ने कहा कि यदि फाइनल रिपोर्ट को कोर्ट ने स्वीकार न किया हो तो पुलिस पोस्टमार्टम करा सकती है।

शकील अहमद के वकील हंसराज तिवारी का कहना है कि कोर्ट ने अभी रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया है। इस  प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी ने एसपी चंद्रप्रकाश से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि भीमपुरा थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि यदि फाइनल रिपोर्ट स्वीकार न हुई हो तो उसे वापस लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई करें। भीमपुरा थानाध्यक्ष एसएस दीक्षित ने कहा कि वह न्यायालय से जानकारी मंगवा रहे हैं। यदि रिपोर्ट एक्सेप्ट नहीं हुई होगी तो न्यायालय से अनुमति लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जायेगी।

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  • Web Title:आखिर सुन ली गई, पिता की फरियाद