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48 घंटे में जांच रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था: नोडल पदाधिकारी

राज्य सरकार ने स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीज की जांच रिपोर्ट 48 घंटे में प्राप्त कर लेने की व्यवस्था की है। वैसे 24 घंटे में ही आंशिक रूप से यह पता चल जाएगा कि रोगी को स्वाइन फ्लू है या नहीं और उसी हिसाब से दवाएं देने की व्यवस्था भी हो जाएगी। पटना में अब तक केन्द्र सरकार ने स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा बहाल नहीं की है। इसलिए बिहार में स्वाइन फ्लू की आशंका से ग्रस्त मरीजों की जांच कोलकाता या दिल्ली की अत्याधुनिक लैब में कराने की सुविधा है।

स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए बनाये गये स्टेट नोडल पदाधिकारी डा. देवेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। केन्द्र सरकार ने दिल्ली और पुणो के बाद 17 और जगहों पर स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा बहाल की है जिसमें बिहार नहीं है।

यहां स्वाइन फ्लू की आशंका होते ही मरीज की श्वास नली से निकाले गये स्वाब को फ्लाइट से तुरंत कोलकाता या दिल्ली भेजने की पुख्ता व्यवस्था है। दोनों ही एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य अधिकारी स्वाब ग्रहण करने के लिए 24 घंटे तैनात है। ऐसे में जांच को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं है। रोग की पुष्टि हो जाने पर इलाज के लिए 15000 टॉमी फ्लू दवा और भर्ती करने की अवस्था में बचाव वाले 1000 प्रोटेक्टिव किट (ट्रिपल लेयर मॉस्क और एन-95 मॉस्क) यहां है।

ऐसे मरीजों की खातिर छहों मेडिकल कॉलेजों में 10-10 और 38 जिला अस्पतालों में 5-5 बेड अलग किये गए हैं। डा. गुप्ता ने बताया कि अब तक बिहार आने वाले एक भी व्यक्ति को स्वाइन फ्लू होने की सूचना नहीं है। जब तक जांच में स्वाइन फ्लू प्रमाणित नहीं हो जाता है, दवाएं नहीं दी जाती हैं। हालांकि सूबे के डाक्टर दवा से संबंधित कोई भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

पटना समेत जिला मुख्यालयों के सभी होटलों पर निगाह रखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक एहतियाती कार्रवाई की जा रही है। दवाएं और प्रोटेक्टिव किट की कोई कमी नहीं है। 

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  • Web Title:बिहार में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा नहीं