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बिहार पुलिस एसोसिएशन की याचिका पर कोर्ट का आदेश

 पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित आरक्षी सहायक एवं कल्याण कोष, बिहार आरक्षी परोपकारी कोष एवं बिहार आरक्षी शिक्षा कोष की ऑडिट होगी। पटना हाईकोर्ट ने इन कोषों की एजी से ऑडिट का आदेश दिया है। मामला अविभाजित बिहार से भी जुड़ा है लिहाजा झारखण्ड से जुड़े मामलों की भी ऑडिट होगी। एक साल में ऑडिट पूरा कर लिया जाना है।

लंबे समय से कोष में जमा राशि के उपयोग पर सवाल उठ रहे थे और इसकी जांच के मद्देनजर कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। आरोप है कि कोष में जमा राशि का नियम के विरुद्ध उपयोग किया गया है। बिहार पुलिस एसोसिएशन की ओर से कई मौकों पर इसकी नियमित ऑडिट की भी मांग उठती रही है लेकिन मामला ठंडे बस्ते में ही पड़ा रहा।

अब यह अंदेशा जताई जा रही है कि एजी से ऑडिट के बाद गड़बड़ियां ऊजागर हुईं तो पूर्व डीजीपी स्तर के कई अधिकारी भी इसके लपेटे में आ सकते हैं। बार-बार मामले को उठाए जाने के बाद जब सरकार और पुलिस मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तब बिहार पुलिस एसोसिएशन के महामंत्री के.के.झा ने कोर्ट में रिट याचिका दायर कर दी। इसी मामले में कोर्ट ने ऑडिट का आदेश दिया है।

पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष में आरक्षी से लेकर आरक्षी निरीक्षण स्तर तक के पुलिसकर्मी साल में दो बार राशि जमा कराते हैं। इस कोष का उद्देश्य सेवारत पुलिस कर्मियों एवं उनके आश्रितों को बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देना है।

परोपकारी कोष में आरक्षी से लेकर आरक्षी निरीक्षक तक वेतन से हर महीने 10 रुपए की कटौती करावाते हैं। बिहार आरक्षी शिक्षा कोष में कर्मी अपने वेतन से हर महीने पांच रुपए कटौती कराते हैं। यह कोष पुलिसकर्मियों के बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग के लिए है। इधर के.के.झा ने हाईकोट के आदेश का स्वागत किया किया है।  

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  • Web Title:पुलिस सहायता कोषों की एजी से होगी ऑडिट