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सरकारी अधिकारों का अतिक्रमण है अंबानी गैस समझौताः तेल मंत्रालय

सरकारी अधिकारों का अतिक्रमण है अंबानी गैस समझौताः तेल मंत्रालय

तेल मंत्रालय ने कृष्णा गोदावरी बेसिन की गैस के बंटवारे के बारे में अंबानी परिवार के आंतरिक समझौते को सार्वजनिक हितों के खिलाफ तथा सरकार के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण बताया है। मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह के समझौतों से अन्य लोगों में गलत संदेश जाएगा।

अंबानी परिवार के बंटवारे के लिए जो समझौता हुआ उसमें केजी बेसिन क्षेत्र की परियोजना में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलांयस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को मिली गैस को मुकेश तथा छोटे भाई अनिल अंबानी की कंपनियों के बीच बांटना भी शामिल है।

तेल मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे पत्र में कहा है कि अंबानी बंधुओं का पारिवारिक समझौता स्पष्ट रूप से उत्पादन हिस्सेदारी अनुबंध (पीएससी) के प्रावधानों के खिलाफ है और इससे सार्वजनिक हितों को नुकसान होगा।

उल्लेखनीय है कि अनिल ने इस मामले में तेल मंत्रालय पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।

पारिवारिक समझौते को सही ठहराने वाले बंबई हाई कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी करते हुए तेल मंत्रालय ने कहा है कि इसमें, एक निजी परिवार के समझौते को पीएससी के तहत सरकार के अधिकारों, सरकार तथा संविधान द्वारा मंजर नीतियों पर वरीयता दी गई है।

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