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इंडिया मेन्स वीक 2009: फैशन अब पुरुषों के नाम

इंडिया मेन्स वीक 2009: फैशन अब पुरुषों के नाम

देश की अग्रणी फैशन संस्था एफडीसीआई और वैन हुसेन ने पुरुषों के लिए इंडिया मेन्स वीक 2009 की घोषणा की है। किसी फैशन वीक में पुरुषों के लिए एक दिन के आरक्षण से परे इस बार पूरा का पूरा फैशन वीक ही पुरुषों के नाम होगा। दिल्ली में पहली बार आयोजित होने वाले इस आयोजन में देश के वो नामीगिरामी फैशन डिजाइनर भाग लेंगे, जो पुरुषों के लिए फैशनेबल परिधान बनाते हैं। यह आयोजन अगले महीने दिल्ली के होटल दि ग्रैंड में 11 से 13 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। काउंसिल द्वारा इंडिया फैशन वीक के सफल आयोजनों के बाद इसे वैन हुसेन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। काउंसिल का लक्ष्य है कि इस आयोजन के माध्यम से भारत को दुनिया का चौथा मेन्सवियर फैशन कैपिटल बनाने में मदद मिलेगी।

इस आयोजन के दौरान 15 शोज के साथ-साथ 20 से अधिक प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी। यह अपनी तरह की पहली प्रदर्शनी होगी, जिसमें देश के सर्वश्रेष्ठ फैशन डिजाइनरों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वह एक ही छत के नीचे पुरुषों के फैशन स्टेटमेंट, उससे जुड़ी एक्सेसरीज आदि का मुजाहिरा कर  सकें। इस आयोजन में देश-विदेश के खरीदारों, खरीद एजेन्टों और फैशन से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा। वैन हुसेन इंडिया मेन्स वीक’ में नए डिजाइनरों के प्रोत्साहित करने के लिए काउंसिल के सहयोग से इमरजिंग डिजाइनर ऑफ द ईयर कॉन्टेस्ट 2009 का आयोजन भी किया जाएगा। कॉन्टेस्ट तीन या उससे कम साल (5 अगस्त, 2009 से शुरू) के अनुभवी सभी छात्र-छात्रओं और प्रोफेशनल फैशन  डिजायनरों के लिए खुला रहेगा। इच्छुक प्रतिभागी कार्यक्रम की वेबसाइट पर अपनी एंट्री भेज सकते हैं। सभी प्रतिभागियों को 20 अगस्त, 2009 तक तीन एंट्रियां देनी होंगी, जिनमें कॉन्सेप्ट, प्रयुक्त मैटीरियल, कलेक्शन नोट, फुल कलर आदि का उल्लेख होना जरूरी है। एक स्वतंत्र निर्णायक मंडल द्वारा इन प्राप्त प्रविष्टियों की छंटनी का काम किया जाएगा। अंतिम दौर के लिए तीन प्रतिभागियों से आग्रह किया जाएगा कि वे अपने द्वारा जमा किए गए स्केच के आधार पर और उन्हें दिए गए मॉडल मेजरमेंट के अनुसार अपनी लाइन तैयार करें। तीनों प्रतिभागियों को वैन हुसेन इंडिया मेन्स वीक’ में अपना संग्रह पेश करने का अवसर भी दिया जाएगा। अंतिम लाइन के आधार पर निर्णायक मंडल विजेता का चयन करेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल मई माह में मुंबई में हुए लक्मे फैशन वीक के लिए मेन्स फैशन को लेकर एक बड़े प्रयास को अंजाम दिया गया था, जिसके तहत फैशन वीक के दौरान पुरुषों के लिए एक दिन आरक्षित किया गया था। इसे एक बड़ी शुरुआत माना गया, लेकिन पुरुषों के लिए मेन्स वीक की राहें इतनी आसान नहीं थीं। लक्मे को भी यहां तक पहुंचने में दो साल का समय लगा था।

हालांकि मेन्स फैशन वीक के लिए देश के कई नामी फैशन डिजाइनर लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, पर उनके सुझवों को कभी गंभारता से नहीं लिया गया। फैशन के मामले में पुरुषों की दुनिया में भी काफी तेजी से बदलाव हो रहे हैं, इस बात को गंभीरता से समझ लक्मे फैशन वीक ने। और इस तरह से एक नई शुरुआत को अंजाम देते हुए उन्होंने निर्णय लिया कि लक्मे फैशन वीक में (पिछले साल मुंबई में अक्तूबर में हुआ फैशन वीक) एक दिन सिर्फ और सिर्फ पुरुषों के लिए होगा। यह खबर इस उद्योग से जुड़े सभी लोगों के लिए खुशखबरी थी। अब चूंकि मेन्स फैशन वीक की घोषणा हुई है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि इससे कितनी बड़ी इंडस्ट्री जुड़ने वाली है। इस संबंध में फैशन डिजाइनर राघवेन्द्र राठौड़ कहते हैं, पुरुषों के फैशन के मामले में यह एक बड़ी पहल है, पर अभी बहुत काम बाकी है।

जानकारी के अनुसार, सबसे पहले राघवेन्द्र ने ही इसके लिए आवाज उठाई थी। वह कहते हैं, यह सच है कि काफी पहले मैंने ही इसके लिए प्रस्ताव भेजा था। पर न जाने किन्हीं कारणों से इसे नामंजूर कर दिया गया। पर अच्छी बात है कि अब यह आयोजन होने जा रहा है। इस संबंध में एफडीसीआई के अध्यक्ष सुनील सेठी कहते हैं, ‘फैशन जगत में आज पुरुषों की बढ़ती भागीदारी इस उद्योग के लिए अच्छा संकेत है। अब मामला पैंट-कमीज और ऑफिस वियर से कहीं आगे बढ़ चुका है। हर खास मौके के लिए पुरुषों के कलेक्शन में बढ़ोतरी हो रही है। यहां यह तथ्य जोड़ना जरूरी होगा कि देश में ब्रांडेड परिधानों की बिक्री में पुरुषों की पोशाकों का प्रतिशत काफी अधिक है, जिसमें निरंतर इजाफा हो रहा है। आप समझ सकते हैं कि अब इस आयोजन का होना कितना जरूरी हो गया है।
 
इस आयोजन के मुद्दे पर वैन हुसेन के सीओओ शीतल मेहता कहते हैं, ‘ पिछले करीब दो दशकों में वैन हुसेन ने न केवल पुरुषों के वर्कवियर के तौर पर रेडीमेड कपड़ों को अहम स्थान दिलाया, बल्कि भारतीय ग्राहकों को लगातार अंतरराष्ट्रीय फैशन से रू-ब-रू भी कराया है। तो यह स्वाभाविक है कि इस अहम आयोजन के आयोजक के रूप में हमें स्थान मिला।मेल फैशन के लिए काम करने वाले फैशन डिजाइनरों की मेहनत और फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के प्रयास सफल हुए तथा भारत के पहले इंडिया मेन्स वीक 2009 को एक रूप मिला। नि:संदेह इससे फैशन इंडस्ट्री का स्वरूप न केवल बदलेगा, बल्कि उसका आकार भी बढ़ेगा, क्योंकि इस बार काउंसिल की कवायद भारत को दुनिया की चौथी मेन्सवियर फैशन कैपिटल बनाने की है।देश की अग्रणी फैशन संस्था एफडीसीआई और वैन हुसेन ने पुरुषों के लिए इंडिया मेन्स वीक 2009 की घोषणा की है। किसी फैशन वीक में पुरुषों के लिए एक दिन के आरक्षण से परे इस बार पूरा का पूरा फैशन वीक ही पुरुषों के नाम होगा। दिल्ली में पहली बार आयोजित होने वाले इस आयोजन में देश के वो नामीगिरामी फैशन डिजाइनर भाग लेंगे, जो पुरुषों के लिए फैशनेबल परिधान बनाते हैं। यह आयोजन अगले महीने दिल्ली के होटल दि ग्रैंड में 11 से 13 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। काउंसिल द्वारा इंडिया फैशन वीक के सफल आयोजनों के बाद इसे वैन हुसेन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। काउंसिल का लक्ष्य है कि इस आयोजन के माध्यम से भारत को दुनिया का चौथा मेन्सवियर फैशन कैपिटल बनाने में मदद मिलेगी।
इस आयोजन के दौरान 15 शोज के साथ-साथ 20 से अधिक प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी। यह अपनी तरह की पहली प्रदर्शनी होगी, जिसमें देश के सर्वÞश्रेष्ठ फैशन डिजाइनरों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वह एक ही छत के नीचे पुरुषों के फैशन स्टेटमेंट, उससे जुड़ी एक्सेसरीज आदि का मुजाहिरा कर  सकें। इस आयोजन में देश-विदेश के खरीदारों, खरीद एजेन्टों और फैशन से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा। वैन हुसेन इंडिया मेन्स वीक’ में नए डिजाइनरों के प्रोत्साहित करने के लिए काउंसिल के सहयोग से इमरजिंग डिजाइनर ऑफ द ईयर कॉन्टेस्ट 2009 का आयोजन भी किया जाएगा। कॉन्टेस्ट तीन या उससे कम साल (5 अगस्त, 2009 से शुरू) के अनुभवी सभी छात्र-छात्रओं और प्रोफेशनल फैशन  डिजायनरों के लिए खुला रहेगा। इच्छुक प्रतिभागी कार्यक्रम की वेबसाइट पर अपनी एंट्री भेज सकते हैं। सभी प्रतिभागियों को 20 अगस्त, 2009 तक तीन एंट्रियां देनी होंगी, जिनमें कॉन्सेप्ट, प्रयुक्त मैटीरियल, कलेक्शन नोट, फुल कलर आदि का उल्लेख होना जरूरी है। एक स्वतंत्र निर्णायक मंडल द्वारा इन प्राप्त प्रविष्टियों की छंटनी का काम किया जाएगा। अंतिम दौर के लिए तीन प्रतिभागियों से आग्रह किया जाएगा कि वे अपने द्वारा जमा किए गए स्केच के आधार पर और उन्हें दिए गए मॉडल मेजरमेंट के अनुसार अपनी लाइन तैयार करें। तीनों प्रतिभागियों को वैन हुसेन इंडिया मेन्स वीक’ में अपना संग्रह पेश करने का अवसर भी दिया जाएगा। अंतिम लाइन के आधार पर निर्णायक मंडल विजेता का चयन करेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल मई माह में मुंबई में हुए लक्मे फैशन वीक के लिए मेन्स फैशन को लेकर एक बड़े प्रयास को अंजाम दिया गया था, जिसके तहत फैशन वीक के दौरान पुरुषों के लिए एक दिन आरक्षित किया गया था। इसे एक बड़ी शुरुआत माना गया, लेकिन पुरुषों के लिए मेन्स वीक की राहें इतनी आसान नहीं थीं। लक्मे को भी यहां तक पहुंचने में दो साल का समय लगा था।

हालांकि मेन्स फैशन वीक के लिए देश के कई नामी फैशन डिजाइनर लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, पर उनके सुझवों को कभी गंभारता से नहीं लिया गया। फैशन के मामले में पुरुषों की दुनिया में भी काफी तेजी से बदलाव हो रहे हैं, इस बात को गंभीरता से समझ लक्मे फैशन वीक ने। और इस तरह से एक नई शुरुआत को अंजाम देते हुए उन्होंने निर्णय लिया कि लक्मे फैशन वीक में (पिछले साल मुंबई में अक्तूबर में हुआ फैशन वीक) एक दिन सिर्फ और सिर्फ पुरुषों के लिए होगा। यह खबर इस उद्योग से जुड़े सभी लोगों के लिए खुशखबरी थी। अब चूंकि मेन्स फैशन वीक की घोषणा हुई है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि इससे कितनी बड़ी इंडस्ट्री जुड़ने वाली है। इस संबंध में फैशन डिजाइनर राघवेन्द्र राठौड़ कहते हैं, पुरुषों के फैशन के मामले में यह एक बड़ी पहल है, पर अभी बहुत काम बाकी है।

जानकारी के अनुसार, सबसे पहले राघवेन्द्र ने ही इसके लिए आवाज उठाई थी। वह कहते हैं, यह सच है कि काफी पहले मैंने ही इसके लिए प्रस्ताव भेजा था। पर न जाने किन्हीं कारणों से इसे नामंजूर कर दिया गया। पर अच्छी बात है कि अब यह आयोजन होने जा रहा है। इस संबंध में एफडीसीआई के अध्यक्ष सुनील सेठी कहते हैं, ‘फैशन जगत में आज पुरुषों की बढ़ती भागीदारी इस उद्योग के लिए अच्छा संकेत है। अब मामला पैंट-कमीज और ऑफिस वियर से कहीं आगे बढ़ चुका है। हर खास मौके के लिए पुरुषों के कलेक्शन में बढ़ोतरी हो रही है। यहां यह तथ्य जोड़ना जरूरी होगा कि देश में ब्रांडेड परिधानों की बिक्री में पुरुषों की पोशाकों का प्रतिशत काफी अधिक है, जिसमें निरंतर इजाफा हो रहा है। आप समझ सकते हैं कि अब इस आयोजन का होना कितना जरूरी हो गया है।
 
इस आयोजन के मुद्दे पर वैन हुसेन के सीओओ शीतल मेहता कहते हैं, ‘ पिछले करीब दो दशकों में वैन हुसेन ने न केवल पुरुषों के वर्कवियर के तौर पर रेडीमेड कपड़ों को अहम स्थान दिलाया, बल्कि भारतीय ग्राहकों को लगातार अंतरराष्ट्रीय फैशन से रू-ब-रू भी कराया है। तो यह स्वाभाविक है कि इस अहम आयोजन के आयोजक के रूप में हमें स्थान मिला।मेल फैशन के लिए काम करने वाले फैशन डिजाइनरों की मेहनत और फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के प्रयास सफल हुए तथा भारत के पहले इंडिया मेन्स वीक 2009 को एक रूप मिला। नि:संदेह इससे फैशन इंडस्ट्री का स्वरूप न केवल बदलेगा, बल्कि उसका आकार भी बढ़ेगा, क्योंकि इस बार काउंसिल की कवायद भारत को दुनिया की चौथी मेन्सवियर फैशन कैपिटल बनाने की है।

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