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ऑस्ट्रेलिया के कुछ संस्थानों से बचें भारतीयः कृष्णा

ऑस्ट्रेलिया के कुछ संस्थानों से बचें भारतीयः कृष्णा

विदेश मंत्री एसएम कृष्ण ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में कुछ संदिग्ध संस्थान युवा भारतीयों का जीवन बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कैनबरा से निजी कॉलेजों के लिए नए विनियम बनाने के लिए कहा है ताकि इस क्षति को रोका जा सके।

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हमले और कई रोजगारमूलक कॉलेजों में स्तरीय शिक्षा तथा सेवाओं का अभाव भारत के लिए चिंताजनक है।

ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर आए कृष्णा ने ‘द ऑस्ट्रेलियन’ अखबार से कहा कि मुझे लगता है कि वे रोजगारमूलक कॉलेज न केवल ऑस्ट्रेलिया की छवि खराब कर रहे हैं, बल्कि भारतीय छात्रों की युवा पीढ़ी का भविष्य भी बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने निजी कॉलेजों के लिए नए विनियम तैयार करने और संघीय तथा राज्य सरकारों से सुधार जारी रखने का आह्वान किया।

बहरहाल, कृष्ण ने भारत की चिंताओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए कैनबरा तथा राज्य सरकारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई और राज्य सरकारों ने तत्काल कदम उठाए और भारतीय छात्र समुदाय में आ रही असुरक्षा की भावना दूर करने के लिए कई उपाय किए।

कृष्णा ने कहा कि मैं चाहूंगा कि यह स्थिति बनी रहे ताकि भारत में अच्छे संकेत जाएं कि राज्य सरकारें हमारी चिंता दूर करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान कृष्ण ने प्रधानमंत्री केविन रूड और अपने समकक्ष स्टीफन स्मिथ से मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि कुछ संदिग्ध शिक्षण संस्थानों ने भारतीय छात्रों को आकर्षित किया है। लेकिन वह जिस स्तर की शिक्षा देने का वादा करते हैं वैसी शिक्षा देते नहीं। विदेश मंत्री ने कहा कुछ कॉलेज बंद हो गए हैं, लेकिन उन्होंने भारतीय छात्रों से पूरी फीस ली है। अब ये छात्र भटक रहे हैं। यह भारत के लिए चिंता का कारण है।

उन्होंने निजी कालेजों के लिए नए विनियम तैयार करने का आह्वान किया, ताकि भारतीय छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो। यह पूछे जाने पर कि क्या रूड की इस साल भारत यात्रा के संदर्भ में दोनों देश सुरक्षा सहयोग के बारे में कोई रूपरेखा तैयार कर रहे हैं, कृष्ण ने कहा कि वह न तो इसकी पुष्टि कर सकते हैं और न ही इनकार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने संबंधों का विस्तार चाहता है। खास कर सुरक्षा के क्षेत्र में। हमें ऑस्ट्रेलिया से इन प्रौद्योगिकियों की जरूरत है। अखबार के अनुसार, उन्होने यह भी कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का साझा हित हिंद महासागर की नौवहन सुरक्षा में है।

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