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मैं हूं बांड: जेम्स बांड

मैं हूं बांड: जेम्स बांड

छुपे कैमरे भी ढूंढ लेता है
आपने अखबारों में, खबरिया टीवी चैनलों पर ऐसी कई घटनाएं पढ़ी-देखी होंगी कि एक कपल किसी होटल में गया और वहां छुपे कैमरे ने उनकी जानकारी के बिना उनकी तस्वीरें उतार लीं। अब तो लोग स्टोर रूम तक में छुपा कैमरा लगाने लगे हैं। ऐसे में जूनियर जेम्स बांड कैसे अपनी खुराफाती हरकतों को अंजाम देगा। तो इस परेशानी से बचाने के लिए तकनीक के धुरंधर भाई लोगों ने बनाया हिडन कैमरा डिटेक्टर।

अगर आपको लगता है कि किसी ने आपके ऑफिस में कोई कैमरा छुपा रखा है तो आप हिडन कैमरा डिटेक्टर की मदद से उसे ढूंढ सकते हैं। यह उपकरण छोटा और हल्का है। अगर आपके आसपास कोई वायरलैस कैमरा होगा तो इस उपकरण में लगी एलईडी लाइट जलने के साथ-साथ अलार्म बजना शुरू हो जाएगा।

कैमरा या खेत में खड़ा पुतला
आपने खेतों में खड़े बुत को तो देखा ही होगा, जिसे देखकर जानवरों को लगता है कि खेत में कोई इंसान खड़ा है। कुछ इसी तर्ज पर यह डमी कैमरा काम करता है..मेरा मतलब काम नहीं करता। इस कैमरे के आगे एक लाइट बीप करती रहती है और ऐसा लगता है कि बड़ी मुस्तैदी से यह सबकुछ रिकॉर्ड कर रहा है मगर ऐसा कुछ नहीं होता। यह नकली कैमरा होता है जिसे देखकर खुराफाती लोग ठिठक जाते हैं, कुछ ऐसी-वैसी हरकत करने से कतराते हैं।

मिस्टर बर्न्स यूएसबी वेबकॉम
आपको आदत है दूसरों के कंप्यूटरों से छेड़छाड़ करने की मगर जब कोई आपकी फाइल्स उड़ा देता है तो बड़ा गुस्सा आता है, पर कौन कमबख्त ऐसा करता है। इस कमबख्त को पकड़ने के लिए आया है मिस्टर बर्न्स यूएसबी वेबकॉम। आपके कन्फ्यूज होने से पहले बता दें कि मिस्टर बर्न्स सिर्फ एक काल्पनिक किरदार का नाम है। यह इतना छोटा कैमरा होता है कि बड़ी आसानी से आपके लैपटॉप पर फिट हो जाएगा। देखने में यह एक खूबसूरत अटैचमेंट जैसा लगता है। यह छोटा सा कैमरा किसी अन्य कंप्यूटर से अटैच भी हो जाता है। जो भी व्यक्ति कैमरा लगा कंप्यूटर या लैपटॉप यूज करेगा आप उसपर नजर रख सकते हैं।

ताकि किसी की नजर न लगे
आपके गहनों को सुरक्षित रखने के लिए घर में अलमारी और बैंक में लॉकर मौजूद है, पर क्या आपकी यादों को सुरक्षित रखने का तरीका है आपके पास। बच्चे ने जब पहली बार चलना सीखा तो आपने उसकी तस्वीरें उतारीं और रिकॉर्डिग कर सीडी में तब्दील कर लिया, या फिर कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में सेव कर लिया। यही नहीं इसके अलावा भी आपके तमाम डिजिटल दस्तावेज जो की इलेक्ट्रॉनिक खामी के चलते बर्बाद हो सकते हैं उनकी सुरक्षा करने के लिए बाजार में आग-पानी से बेअसर बॉक्स उपलब्ध है। यह ऐसा बक्सा होता है, जिसमें आप ढेरों सीडी और डीवीडी रख सकते हैं, सिर्फ रख ही नहीं इस बॉक्स में आप सीडी, डीवीडी और पेन ड्राइव लगा भी सकते हैं। इस बॉक्स को वैसे डेटाबॉक्स कहा जाता है। यह बेहद मजबूत होता और आग व पानी से इसे कोई नुकसान नहीं होता।

फोटो भी रिकॉर्ड भी
मान लीजिए आपने किसी की फोटो खींची मनाली में और बाद में वो कहे नहीं जी फोटो तो कहीं और का है। पहाड़ तो नैनीताल में भी मिलते हैं, धर्मशाला में हैं, उत्तरकाशी में हैं। तो ऐसे मुकर जाने वाले जनाब की बोलती बंद करने वाली तस्वीर देता है फोटो ट्रैकर प्रो सिंक्स, वो भी पूरे हिसाब के साथ। जीपीएस तकनीक की मदद से फोटो ट्रैकर प्रो सिंक्स नामक यह उपकरण अक्षांश और देशांतर रेखाओं के सहारे आपको उस जगह की सटीक जानकारी देता है, जहां आपने फोटो खींची, और वो भी पूरी बारीकी के साथ।

लैंडलाइन की जासूसी
लोगों को लगता है कि रिकॉर्डिग तो सिर्फ मोबाइल में हो सकती है। लैंडलाइन फोन की रिकॉर्डिग तो सिर्फ पुलिस वाले ही कर पाते हैं। ऐसा नहीं है। सिनेक्स के इस डिजिटल रिकॉर्डर में आप सात घंटे (इससे ज्यादा मेमोरी वाले रिकॉर्डर भी हैं) की ऑडियो रिकॉर्डिग कर सकते हैं। यह बेहद हल्का और छोटा होता है। यह रिकॉर्डर लैंड लाइन फोन से अटैच हो जाता है- अपने भी और पड़ोसियों के भी। अगर पड़ोसी के लैंड लाइन में अटैच करना हो तो खंबे पर चढ़ना पड़ता है, जहां से कनेक्शन की वायर आगे जाती है। यह किसी किस्म की बीप वगैरह नहीं देता। इससे डाटा को कंप्यूटर में ट्रांसफर किया जा सकता है। वैसे इससे सामान्य रिकॉर्डिग भी हो सकती है। इसके साथ एक माइक भी आता है, जिसे आप अपनी शर्ट के नीचे छुपा सकते हैं। दिल्ली के पालिका बाजार में सिनेक्स का ऐसा ही एक रिकॉर्डर 1500 रुपये में मिल सकता है।

सबके मोबाइल बंद
आप नहीं चाहते कि एक निश्चित इलाके में कोई मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करे तो यह आपके हाथ में है। 20 मीटर से लेकर 120 मीटर के दायरे में सभी मोबाइल फोन को जाम करने वाला जैमर बाजार में उपलब्ध है। हाल ही में दिल्ली के प्रगति मैदान में निजी सुरक्षा के सिलसिले में आयोजित एक प्रदर्शनी में सेमयंग कंपनी (वेबसाइटwww. semyungindia.co.in) ने अपने दो जैमरों का प्रदर्शन किया था। एसआरसी-300ए और डब्लूआरसी-2000 दोनों में क्षमता का फर्क है, पर काम एक जैसा करते हैं।

कोई -गैरा नहीं
चोर के लिए कैसा ताला। इस पुरानी कहावत का जवाब है फिंगर प्रिंट ऐसेस। वैसे फिंगर प्रिंट वाले लॉक तो बाजार में बहुत हैं, पर इसकी खासियतें जरा सुनिए। जो भी घर में एंट्री करेगा उसकी तस्वीर उतार लेता है। एक लाख लोगों के फिंगरप्रिंट याद रख सकता है। 20 लाख लॉग डाटा स्टोर कर    सकता है। फिंगरप्रिंट को महज 0.3 सेकेंड में पकड़ लेता है और पहचानने के बाद फोटो उतार लेता है। यह सिलिकॉन फिंगरप्रिंट की धोखाधड़ी को भी पकड़  लेता है। सेमयंग कंपनी (वेबसाइट 666. 2ीे84ल्ल ्रल्ल्िरं.ू.्रल्ल) इस तरह की सुविधा प्रदान करती है।

360 डिग्री की आंखें
आपकी कार के पीछे कौन चल रहा है? शीशे में दिख जाएगा। दाएं कौन है, बाएं कौन है आगे कौन है, सब आप देख सकते हैं। क्या एक साथ चारों ओर देख सकते हैं और अगर देख सकते हैं तो क्या साथ में कार भी ड्राइव कर सकते हैं। इस समय बाजार में 360 डिग्री के पोर्टेबल कैमरे मौजूद हैं। इमारत की बात छोड़िए चलती गाड़ी पर भी इसे लगा सकते हैं। यह चारों ओर की फिल्म उतारता चलता है। ऐसा दो मेगापिक्सल की क्षमता वाला कैमरा सेमयंग
कंपनी (वेबसाइट
 666.2ीे84ल्ल्रल्ल्िरं. ू.्रल्ल) ने बाजार में उतारा है। वैसे खुफिया कैमरों ने बड़ी तरक्की कर ली है।
 पेन, टोपी, बटन,
आईकार्ड और यहां तक की चश्मे में फिट हो सकने वाले खुफिया कैमरे दिल्ली की गफ्फार, नेहरू  प्लेस और पालिका मार्केट में 1200 रुपए में भी मिल सकते हैं।
जेम्स बांड 007 होटल के रूम में एंट्री करता है। उसके कोट में कैमरा लगा है। जूतों में सेंसर हैं। आंखों पर इंफ्रारेड तकनीक से लैस चश्मा है। लॉकेट में बम और पेन में बंदूक है। वह जेब से मोबाइल कैम निकालता है और आसपास मौजूद लोगों की धड़ाधड़ तस्वीरें उतार लेता है। 3.2 मेगापिक्सल डिजिटल कैमरे और जीपीस तकनीक से लैस सोनी एरिक्सन के800 सेलफोन की मदद से बांड इस काम को अंजाम देता है। फिर सीन दर सीन तमाम तामझमों की मदद से दुनिया का सबसे खतरनाक जासूस अपने मिशन को अंजाम देता है।
क्वांटम ऑफ सोलेस, कसीनो रोयॉल, डाइ अनदर डे, द वर्ल्ड इस नॉट इनफ जैसी फिल्मों में जेम्स बांड को चौंका देने वाली तकनीकों का इस्तेमाल करता दिखाया गया है। उसकी दुनिया तो कल्पना और वास्तविकता का मिलाजुला रूप है और इसी ने उसे दुनिया का सबसे तेज और खतरनाक जासूस बनाया। 007 के पास दुनिया की जो सबसे आधुनिक खुफिया तकनीकें हैं, उन सबका तो बाजार में मिलना संभव नहीं है,पर कुछ उपकरण तो आपको आसपास के बाजार में मिल ही जाएंगे। इनकी मदद से आप ‘007’ न सही पर जेम्स बांड जूनियर तो बन ही सकते हैं!
बॉन्ड
नाम-जेम्स बॉन्ड
कोड-007
काम-ब्रिटिश खुफिया एजेन्ट
बॉस-एम
सेक्रेटरी -मनीपैनी
गैजेट्स-घड़ी, अंगूठी, बेल्ट, पेन, जूते, कैमरे और ब्रीफकेस में फिट होने वाले खतरनाक हथियार
गैजेट्स वैज्ञानिक-डॉ. क्यू
पसंदीदा कार-बीएमडब्ल्यू और ऑस्टिन मॉर्टिन
पसंदीदा शराब-ब्सोल्यूट
दुश्मन-दुनियाभर में फैले हैं
मिशन-अपने देश को आतंकवाद और ड्रग्स तथा हथियारों के सौदागरों से मुक्ति दिलाना साथ ही एम का हर टेढ़ा काम सुलझना
शौक-खतरों से खेलना और दिलकश लड़कियों के करीब रहना

 

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