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‘किताबी शिक्षा सफल नहीं बनाती’

केन्द्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि शिक्षा पद्धति गैरजरूरी नियंत्रण से मुक्त किया जायेगा जिससे कि बच्चों को किताबी शिक्षा की बजाय जीवन को सार्थक बनाने वाली व्यवहारिक शिक्षा मिल सके।

सिब्बल ने रविवार को एनजीओ ‘नागरिक पहल’ द्वारा मेधावी छात्रों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि व्यवसायिक प्रतियोगिता के इस दौर में किताबी शिक्षा बच्चों को जीवन में सफल बनाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना ही काफी नहीं है बल्कि बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जिससे वे निरंतर अपना मूल्यांकन करते हुये जीवन की दिशा तय कर सकें।

इसके लिये उन्होंने शिक्षण संस्थाओं को अनावश्यक नियंत्रण से मुक्त रखते हुये सिर्फ छात्रों और शिक्षकों के मूल्यांकन की वैज्ञानिक पद्धति विकसित करने की बात कही। इस अवसर पर इस बार की 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले 80 छात्र छात्रओं को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान श्रीराम कालेज के प्राचार्य पीसी जैन, वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की अध्यक्ष किरण चोपड़ा और समारोह के संयोजक रतन जैन ने शिक्षा क्षेत्र में सिब्बल द्वारा किये गये तात्कालिक उपायों की सराहना की।

समारोह में डीयू के अनेक शिक्षाविदों के अलावा अन्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष चतर सिंह, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के उपाध्यक्ष अजरुन कुमार, आईके सिंघल, सरदार मानसिंह, राजन नागपाल  सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

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