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सियासी अहमियत वाले शहरों में मकान बनने की सुस्त चाल, मान्यवर कांशीरामजी शहरी गरीब आवास योजना


कई प्रमुख शहरों में मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के मकान धीमी गति से बन रहे हैं। ये वह क्षेत्र हैं जहाँ से सूबे की राजनीति हमेशा चर्चा में रहती है। इसी महीने राज्य सरकार के अफसर इन मकानों का निरीक्षण करने के लिए निकलने वाले हैं। उसके बाद मुख्यमंत्री भी अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना का खुद निरीक्षण करेंगी।

पिछले दिनों अफसरों के निरीक्षण में पता चला कि कई प्रमुख शहरों में योजना की गति बेहद धीमी है। ये शहर राजनीतिक वजहों से भी महत्वपूर्ण हैं। मसलन रायबरेली में योजना की गति बेहद धीमी है। अमेठी और सुल्तानपुर में भी गति धीमी है। राजनीतिक रूप से अहम क्षेत्र रामपुर में तो इस योजना के लिए बहुत दिनों बाद जमीन ही उपलब्ध कराई गई। फिरोजाबाद, औरैया, कन्नौज, मैनपुरी, एटा और इटावा में भी इस योजना के मकान धीमी गति से बन रहे हैं।

प्रदेश भर में मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के करीब 1.10 लाख मकान बनाए जाने हैं। इसके लिए नगर निकायों को जमीन मुफ्त देने के आदेश दिए गए थे। राज्य सरकार इस योजना के मकान जल्द बनाने के लिए लगातार दबाव बनाए हुए थी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शासन ने इस योजना के मकान बनाने के लिए 15 मार्च तक समय निर्धारित किया था। लेकिन कभी जमीन की अनुपलब्धता के कारण तो कभी लोकसभा चुनाव के कारण मकान निर्माण कार्य में देरी होती चली गई। इसके बाद भी सरकारी अफसर भवन निर्माण की गति पर लगातार नजर रखे हुए थे।

शासन ने शहरी गरीब आवास योजना के मकान बनाने में लापरवाही के आरोप में परिषद के 10 अभियंताओं को निलम्बित तक कर दिया था और 21 अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस भी दिया था।

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  • Web Title:सियासी अहमियत वाले शहरों में मकान बनने की सुस्त चाल