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पिता रोहताश के परिवार को तीन महीने छोड़ना होगा गांव

 गोत्र विवाद के लपेटे में आए दंपति रविन्द्र और शिल्पा को अब आजीवन गांव से बाहर रहना होगा। साथ ही रविन्द्र के पिता रोहताश गहलौत के परिवार को तीन माह के लिए छोड़ना होगा। रविन्द्र के चाचा नसीब सिंह, वेदप्रकाश और शिल्पा के परिवार को सामाजिक भाईचारा तोड़ने पर एक-एक कोड़ी जुर्माना लगाया गया। साथ ही गहलौत परिवार को सभी केस भी वापस लेने होंगे।

बेरी में रविवार को करीब तीन घंटे चली सर्वखाप महापंचायत में लंबे विचार मंथन के बाद यह फैसला सुनाया गया। कादियान खाप के प्रतिनिधियों ने सर्वखाप के फैसले को स्वीकार लिया है लेकिन खाप से जुड़े काफी लोगों ने इसे संतोषजनक नहीं माना। इसे देखते हुए सोमवार सुबह फिर से गांव में कादियान खाप की बैठक होगी।

दहिया खाप के प्रधान सुभाष दहिया की अध्यक्षता में हुई सर्वखाप महापंचायत में करीब 55 खापों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान प्रतिनिधियों में मतभेद के चलते कई बार अव्यवस्था और झगड़े की स्थिति भी पैदा हुई। महापंचायत में उपस्थित असामाजिक प्रवृत्ति के युवाओं की दादागिरी साफ तौर पर दिखी। अहलावत खाप के प्रतिनिधि गोच्छी निवासी जगदीप अहलावत के अलावा हरियाणा पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर व एक दैनिक समाचार पत्र के कैमरामैन की पिटाई भी हुई। कैमरामैन का कैमरा भी तोड़ दिया गया।

महापंचायत में आए युवकों ने चाहार खाप के प्रतिनिधियों की गाड़ी भी तोड़ डाली। विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों ने ढराणा गोत्र प्रकरण में अपना-अपना पक्ष रखा। इसके बाद सभी खापों के एक-एक सदस्य को शामिल करते हुए 54 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। सर्वखाप की 54 सदस्यीय कमेटी में गहलौत व कादियान खाप के प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया गया। कमेटी ने करीब पौन घंटे विचार-विमर्श के उपरांत फैसला दिया।

फैसला दिए जाने से पूर्व कादियान खाप व गहलौत परिवार की सहमति ली गई कि वे फैसला मानेंगे। मंच से कमेटी का फैसला सर्वखाप महापंचायत में पढ़कर सुनाया गया। कमेटी ने फैसले में दोनों पक्षों की बात रखते हुए रविन्द्र-शिल्पा को जिंदगी भर गांव से बाहर रहने का फैसला सुनाया और रविन्द्र के पिता रोहताश के परिवार को तीन माह के लिए गांव छोड़ने का फरमान सुनाया।

रविन्द्र के चाचा नसीब सिंह व वेदप्रकाश के अलावा शिल्पा के पानीपत के सिवाह गांव स्थित परिवार पर एक-एक कोड़ी जुर्माना किया है। सर्वखाप पंचायत ने दोनों पक्षों को राहत देते हुए गहलौत परिवार की ओर से डाले गए सभी केस वापिस लिए जाने का भी फैसला सुनाया।

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  • Web Title:रविन्द्र-शिल्पा को आजीवन गांव निकाला