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सरकार ने दिये तुरंत कार्रवाई का निर्देश, दवाएं हर अस्पताल में : एसपीओ

राज्य सरकार ने सूबे में इंसेफ्लाइटिस के बढ़ते प्रकोप को गंभीर मानते हुए सभी जिलाधिकारियों और सिविल सर्जन को हाई अलर्ट कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि जिलों में इंसेफ्लाइटिस के हर मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके निदान की तुरंत कार्रवाई की जाए।

जापानी इंसेफ्लाइटिस के मामले में निर्देश दिया गया है कि सूबे के चार बड़े अस्पतालों में इसकी जांच की व्यवस्था है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया स्थित अनुग्रह नारायण मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पटना स्थित राजेन्द्र स्मारक रिसर्च संस्थान (आरएमआरआई) और महावीर वात्सल्य अस्पताल में इसकी जांच की व्यवस्था है। पीड़ित बच्चों में जापानी इंसेफ्लाइटिस का शक होते ही इन अस्पतालों में जांच करायी जाए।

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक एवं भेक्टर बोर्न डीजिज (जापानी इंसेफ्लाइटिस, कालाजार, मलेरिया और डेंगू) के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (एसपीओ) डा. आरएन पाण्डेय ने कहा कि पीएमसीएच के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इन मौसम में वैसे भी इंसेफ्लाइटिस का प्रकोप थोड़ा बढ़ जाता है। जापानी इंसेफ्लाइटिस के तीन मामले ही अभी सामने आये हैं पर सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है और कहा गया है कि  वे 24 घंटे इन मामलों पर नजर रखें।

डा. पाण्डेय ने कहा कि इस रोग की दवाएं सभी अस्पतालों में मौजूद है। इसका लक्षण आधारित इलाज होता है। हाई एंटीबायोटिक और आईवी फ्लूड की हर जगह व्यवस्था है। जापानी इंसेफ्लाइटिस की जांच की सुविधा हर जगह नहीं है। इसलिए शक होते ही निर्धारित अस्पताल में जांच कराके इलाज करने का निर्देश दिया गया है। 

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  • Web Title:इंसेफ्लाइटिस को लेकर डीएम और सिविल सर्जन हाई अलर्ट पर