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‘खुले बाजार में टैमीफ्लू की बिक्री नहीं होनी चाहिए’

‘खुले बाजार में टैमीफ्लू की बिक्री नहीं होनी चाहिए’

देश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों और डाक्टरों ने इसकी दवा टैमीफ्लू की बिक्री खुले बाजार में करने का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे दवा की खरीद को लेकर अफरा-तफरी मच जाएगी।

यद्यपि, वरिष्ठ अधिकारी इस दवा की खुले बाजार में बिक्री को इस समय उचित नहीं मान रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद का कहना है कि इसपर विचार किया जा रहा है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मेडिसीन विभाग के प्रमुख रणदीप गुलेरिया ने कहा, ‘‘मैं नहीं मानता कि यह सही कदम होगा।’’ उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए लोग इस दवा का दुरुपयोग करेंगे। इसका परिणाम यह होगा कि जिसे सही मायने में दवा की जरूरत होगी उसे यह नहीं मिलेगा।

गुलेरिया ने कहा, ‘‘लोग टैमीफ्लू के प्रति प्रतिरोधक हासिल कर लेंगे और यह लंबे समय में प्रभावी नहीं रहेगा।’’

रिपोर्टों के मुताबिक मैक्सिको में ऐसे कई मामले सामने आए थे जिसमें मरीज पर टैमीफ्लू का असर नहीं हो रहा था। मैक्सिको में सबसे पहले स्वाइन फ्लू का मामला सामने आया था।

वर्तमान में सरकार टैमीफ्लू की बिक्री चुनिंदा स्वास्थ्य केंद्रों पर कर रही है जहां मरीज का इलाज चल रहा है।

गुलेरिया ने कहा कि अमेरिका में केमिस्ट के पास दवा मौजूद रहती है लेकिन उसे खरीदने के लिए पर्चे की जरूरत पड़ती है।

अमेरिका के अलावा ब्रिटेन में भी इस दवा की बिक्री बाजार में हो रही है लेकिन इसके लिए भी पर्चे की जरूरत पड़ती है।

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