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पहले डीएम आवास घेरा फिर कलक्ट्रेट पहुँचे, धरने पर बैठ गए सांसद सहित अन्य भाजपाई

ताजगंज उपद्रव प्रकरण में एक पक्षीय पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ शनिवार की दोपहर ताजगंज, मंटोला, राहुल नगर के लोग उबल पड़े। महिलाओं की बेरहमी से पिटाई तथा थानों में सुनवाई न होने से नाराज लोगों ने भाजपाइयों के साथ पहले डीएम आवास घेरा। यहाँ से भाजपाई कलक्ट्रेट पहुँचे, जहाँ डीएम कक्ष में जाने को लेकर भाजपाई, पुलिस से उलझ गए। एसओ नाई की मंडी और एसपी सिटी के साथ भाजपाइयों की गाली-गलौज और हाथापाई की नौबत आ गगई। से हाथापाई शुरू हो गयी। बाद में वहाँ मौजूद अन्य भाजपा नेता व प्रशासनिक अफसरों ने बीचबचाव कर मामले को शांत कराया।

ताजगंज, मंटोला व राहुलनगर क्षेत्र के सैकड़ों लोग एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सांसद रामशंकर कठेरिया की अगुवाई में डीएम आवास पहुँचे। अनहोनी की आशंका को देखते हुए आवास पर एडीएम सिटी पीके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट व एसपी सिटी बीपी अशोक सहित कई थानों की फोर्स को बुला लिया गया था। लोगों का आरोप था कि पुलिस दबाव में काम कर रही है। गर्भवती महिलाओं को दौड़-दौड़कर पीटा गया है, जबकि निदरेषों को घरों से उठाकर थाने में बंद कर दिया गया है और धारा 307 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई की है। तभी भाजपाइयों को कलक्ट्रेट में डीएम के पहुँचने की जानकारी मिली। इस पर सैकड़ों भाजपाई पैदल ही कलक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। वहाँ डीएम एमके नारायण के न होने पर सांसद रामशंकर कठेरिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। तभी डीएम कार्यालय में पहुँच गए।

पुलिस ने सांसद सहित भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं को एक-एक कर डीएम कक्ष में जाने की अनुमति दी।  गेट पर पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया। कई पीड़ितों को डीएम के सामने पेश किया गया। तभी बाहर खड़े लोगों व भाजपाइयों ने अंदर जाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस वालों से धक्का-मुक्की शुरू हो गयी। एसओ नाई की मंडी और भाजपाइयों के बीच विवाद हो गया। मामला हाथापाई तक पहुँच गया। यह देखते ही कई पुलिस वालों ने भाजपाइयों को अलग करने का प्रयास किया।

भाजपाइयों व अफसरों की आवाजें सुन कक्ष में बैठे एसपी सिटी बाहर निकल आए और उन्होंने लोगों को समझने का प्रयास किया। लेकिन उग्र भाजपाइयों ने नहीं सुना। भाजपाइयों और एसपी सिटी के बीच हाथापाई होने लगी। एसपी सिटी को बचाने के लिए कई पुलिस के अफसर आगे आ गए। उन्होंने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। एसपी सिटी के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया गया। विवाद बढ़ता देख भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने बीच बचाव किया। तब जाकर मामला शांत हुआ। डीएम ने सांसद को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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  • Web Title:पुलिस और भाजपाइयों में मारपीट