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इस बार भी चार चरणों में होंगे मतदान

प्रदेश में ग्राम पंचायतों के चुनाव अगले साल जून में कराने का प्रस्ताव है। पिछली बार की तरह इस बार भी चुनाव चार चरणों में कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस सम्बंध में राज्य सरकार को विस्तृत कार्यक्रम भेजा है और कहा है कि वह दिसम्बर तक विभिन्न पदों के लिए आरक्षण का कार्य पूरा कर ले ताकि समय पर चुनाव कराए जा सके। आयोग के पत्र के सन्दर्भ में शासन में पंचायतीराज विभाग में कई बैठकें हो चुकी हैं। सरकार ने पंचायतों में विभिन्न पदों के लिए पिछले चुनाव में हुए आरक्षण का ब्यौरा समेटना शुरू कर दिया है। पंचायत चुनाव के कार्यक्रम पर भी मंथन शुरू हो गया है।

प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा है। इसलिए आयोग और शासन दोनों नए चुनावों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों के गठन का कार्य 31 अगस्त, 2005 के पूर्व हो चुका था। सभी 52 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक आठ सितम्बर, 05 से पूर्व सम्पन्न हो चुकी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सदस्यों का निर्वाचन पूरा कराकर आठ सितम्बर, 2010 से पूर्व सभी ग्राम पंचायतों का गठन हो जाना संवैधानिक अनिवार्यता है।

सूत्रों के अनुसार आयोग ने कहा है कि जुलाई-अगस्त के महीने मानसून के माने जाते हैं। ऐसे में इन महीनों में पंचायत चुनाव कराना सही नहीं होगा। इसलिए चुनाव जून में कराए जाने का प्रस्ताव किया गया है। सूत्रों के  अनुसार राज्य सरकार ने अगर आयोग के प्रस्ताव और कार्यक्रम को स्वीकार कर लिया तो राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना 18 मई, 2010 को जारी होगी।

उसके बाद आयोग की अधिसूचना जारी होगी। सूत्र बताते हैं कि आयोग के कार्यक्रम को लेकर शासन स्तर पर काफी गहमागहमी चल रही है। पंचायतीराज विभाग के सूत्रों का कहना है कि पंचायतों में विभिन्न पदों पर आरक्षण निर्धारण के लिए सरकार के पास पर्याप्त समय है और यह कार्य समय से पूरा करा लिया जाएगा।

 

 

 

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  • Web Title:पंचायत चुनाव जून में कराने का प्रस्ताव