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पाक की अंदरुनी चुनौती को पहचाने यूएस: भारत

भारत ने अमेरिका से पाकिस्तान के भीतर आतंकवाद से पैदा चुनौती को स्वीकार करने और वास्तविकता को सामना करने को कहा है। भारत ने यह भी कहा कि विचारधारा से जुड़े आतंकवादी संगठनों के खिलाफ लड़ाई को टुकडों में नहीं बांटा जा सकता। प्रधानमंत्री के विशेष दूत श्याम सरन ने सोमवार को वाशिंगटन के ब्रुकिंग्स इंस्टीटय़ूट में कहा कि अल कायदा, तालिबान, लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी विचारधारा के द्वारा जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इनसे लड़ने के लिए कुछ व्यक्ितयों, इंटर सर्विसिज इंटेलीजेंस (आईएसआई) या पाकिस्तानी सेना की तरफ देखने के बजाय एक सही रवैया अपनाने की आवश्यकता है। पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि अफगानिस्तान में स्थिरता और शांति लाने के अमेरिकी प्रयासों में भारत बहुत सहायक होगा। इस क्षेत्र से भारत के महत्वपूर्ण हित जुड़े हैं। भारत की मुख्य चिंता है कि अफगानिस्तान में आतंकवाद कंही फिर अपनी जगह न बना ले। सरन ने कहा कि अफगानिस्तान में एक बहुदलीय, बहुजातीय लोकतंत्र को भारत ने पूरा समर्थन दिया है। इससे पहले अमेरिका के उप विदेश मंत्री जेम्स स्टीनबर्ग ने कहा कि पड़ोसी पाकिस्तान और अफगानिस्तान में स्थिरता सुनिश्चित करने में भारत का बहुत बड़ा हित है। उन्होंने भारत से पाकिस्तान का समर्थन करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने तथा आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में सहायता देने को कहा।

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  • Web Title: पाक की अंदरुनी चुनौती को पहचाने यूएस: भारत