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क्रेडिट बिल

अक्सर क्रेडिट कार्ड के नियमों की बारीकियों को न समझने और लगातार होने वाले बदलाव से रूबरू न होने के कारण हमें कुछ नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि क्रेडिट कार्ड के प्रभावों का स्टेप-दर-स्टेप आकलन किया जाए।

ब्याज दर : ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने की वजह से, क्रेडिट कार्ड के दामों में तेजी आती है। ऐसे में अगर क्रेडिट कार्ड धारक, क्रेडिट कार्ड के बिल का समय से भुगतान कर दें, तो कार्ड की बढ़ी हुई ब्याज दर का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। गौर करने वाली बात यह है कि दामों में होने वाली यह बढ़ोतरी नंबरों की वजह से बेहद कम लगती है। उदाहरण के तौर पर ब्याज दर में तेजी 2.95 से 3.14 दिखती है, लेकिन अगर वाíषक तौर पर देखा जाए, तो 41.75 से 44.92 होती है।

क्रेडिट दिनों को करें कम : अपनी क्रेडिट कार्ड हिस्ट्री के रिकॉर्ड को सुधारें। कई मौकों पर इसका काफी प्रभाव पड़ता है। मसलन अगर आप लोन ले रहे हैं, तो आपकी क्रेडिट कार्ड हिस्ट्री मायने रखती है। अगर आपकी क्रेडिट कार्ड लिमिट 50 दिन है, तो इसे पांच से दस दिन पहले करें। इससे आप ब्याज दर से तो बचेंगे ही साथ ही, बेहतर क्रेडिट कार्ड हिस्ट्री भी बना पाएंगे।

क्रेडिट कार्ड के बिल पर लगने वाला ब्याज मासिक तौर पर देखने में कम लगता है, लेकिन यह गणना करने में ज्यादा बैठता है।

लोगों को आकíषत करने के लिए क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर कंपनियां रिवॉर्ड देती हैं। इसका इस्तेमाल अपनी आर्थिक स्थिति और जरूरत के अनुसार ही करें।

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