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राहत कार्यो के लिए मुकम्मल प्रस्ताव भेजा शासन को

सूखे से निबटने के लिए जिला प्रशासन ने सवा सौ करोड़ की सहायता राशि मांगी है। इसके पहले 15 करोड़ की मदद मांगी गयी थी, लेकिन खेती-बाड़ी, पेयजल, गरीब परिवारों के लिए खाद्यान्न संकट, पशुचारा जैसी समस्याओं से निजात के लिए 118.22 करोड़ की अतिरिक्त मदद की जरूरत महसूस की गयी है। डीएम एके उपाध्याय की ओर मुकम्मल प्रस्ताव प्रदेश शासन को भेजा गया है। दैवीय आपदा निधि के तहत मदद मिलने की उम्मीद के साथ जिले स्तर पर योजनाएं बनायी जा रही हैं।

प्रशासन का मानना है कि सूखे की यही स्थिति रही तो गरीब परिवारों के समक्ष खाद्यान्न का गंभीर संकट होगा। जिले में करीब 80 हजार बीपीएल कार्डधारक और 49 हजार एपीएल कार्ड धारक हैं। दो महीने के हिसाब से उन्हें खाद्यान्न उपलब्धता की योजना बनायी जा रही है। इनके लिए करीब 14 करोड़ की जरूरत महसूस की गयी है। आपात स्थिति में अहेतुक सहायता के लिए धन के प्रावधान की गुजारिश की गयी है।

अवर्षण की स्थिति रही तो धान की रोपाई व बुआई की गयी फसलों के चौपट होने का आशंका है। 50 फीसदी से अधिक फसल नष्ट हुई तो लघु-सीमांत किसानों की मदद के लिए ही करीब 7.53 करोड़ की जरूरत होगी। वृद्ध लोगों की खाद्यान्न समस्या पर भी नजर डाली गयी है। कृषि निवेश की आवश्यकता भी बतायी गयी है। पेयजल एवं पशुओं के चारे की उपलब्धता का प्लान भी तैयार किया गया है।

जरूरत पर पशु कैंप लगाए जाएंगे। धान के वैकल्पिक उपायों के तहत अभी तक 2800 हेक्टेअर के हिसाब से मिनी किट्स की व्यवस्था की गयी है लेकिन डीएम ने नए प्रस्ताव के तहत 3000 हेक्टयर क्षेत्रफल के लिए मिनी किट्स की जरूरत बतायी है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी दी तो केन्द्र की टीम दौरा करने आ सकती है।

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  • Web Title:सूखा : प्रशासन ने मांगी सवा सौ करोड़ की इमदाद