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पहले से ही घाटे में चल रहा है कुमाऊं विवि


कुमाऊं विवि को कैबिनेट के गुरूवार को लिए फैसले के बाद शिक्षक व कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन देने का दबाव बन गया है। खस्ताहाल माली हालत के चलते विवि प्रशासन को इसके लिए खूब पसीना बहाना पड़ेगा। उम्मीद की जा रही है कि राज्य व केंद्र से सहयोग ले कर इस समस्या का  हल निकाला जाएगा।

वर्तमान में विवि के वेतन मद में ही करीब साढ़े पंद्रह करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि खर्च हो रही है। छठे वेतन आयोग के  लागू होने के बाद यह आंकड़ा 28 करोड़ रूपए तक पहुंचने का अनुमान है। 12करोड़ 50 लाख रूपये अन्य मदों में भी वर्ष भर में खर्च होते हैं।

इधर विवि की सालाना आमदनी 10 करोड़ 66 लाख रूपया है। इस सत्र में फीस वृद्धि से 1 करोड़ 10लाख रूपये अधिक प्राप्त करने का लक्ष्य है। इसके  साथ ही प्रदेश सरकार ने भी सात करोड़ 39लाख 10हजार रूपये की ग्रांट को बढ़ा कर 11 करोड़ कर दिया है। कुल मिलाकर आमदनी 22 करोड़ 76 लाख रूपये तक पहुंच रही है। इन हालातों में नए सिरे के वेतन आदि मद में अतिरिक्त भार को वहन करने में परेशानी आ सकती है।

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  • Web Title:वेतन वृद्धि को लागू करने में छूटेगा पसीना