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सेंट्रल यूनिवर्सिटी को जल्द मिलेगी जमीन: राज्यपाल

राज्यपाल के शंकर नारायणन ने कहा है कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झरखंड को जल्द जमीन उपलब्ध करायी जाएगी, ताकि इसका अपना कैंपस बन सके। जल्द ही यूनिवर्सिटी के पास पूरी आधारभूत संरचना होगी। इस यूनिवर्सिटी के विकास से राज्य को नई दिशा मिलेगी। यहां के फस्र्ट बैच के छात्र, शिक्षक और कर्मचारी इस यूनिवर्सिटी के माइलस्टोन होंगे। नारायणन ने ये बातें सात अगस्त को सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने प्रथम सत्र का उद्घाटन करते हुए कहीं।

देश में शैक्षणिक विकास की यात्र की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 1950 में देश में 20 विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या 2006 में 380 हो गई। इसी तरह 1950 में कॉलेजों की संख्या 500 थी, जो बढ़कर 18604 हो गई। शिक्षकों की संख्या 15 हजार से बढ़ कर 4.8 लाख हुआ। ये आंकड़े उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश की ऊंची छलांग की गवाही देते हैं। हालांकि नामांकन औसत के मामले में भारत अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देशों से काफी पीछे है। किसी भी देश का तब तक विकास नहीं हो सकता, जब तक वहां उच्च शिक्षा में छात्रों के नामांकन का प्रतिशत 20 से ज्यादा नहीं होगा।

अतिथियों का स्वागत करते हुए सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो डीटी खटिंग ने कहा कि उनका लक्ष्य छात्रों का ज्ञान बढ़ाने के साथ उनके चरित्र का विकास करना है। झरखंड के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश होगी। उन्होंने यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम और भावी योजनाओं की जानकारी दी।

धन्यवाद ज्ञापन प्रो अंकुश भुइयां ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सलाहकार जी कृष्णन, प्रधान सचिव सुधीर त्रिपाठी, पीपी शर्मा, शिक्षा सचिव मृदुला सिन्हा, रांची यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो एए खान, एचइसी के सीएमडी जीके पिल्लई, फादर डिब्रावर, डीसी राजीव अरूण एक्का, एसएसपी प्रवीण सिंह सहित यूनिवर्सिटी के शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।
 

 

 

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  • Web Title:सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड में प्रथम सत्र का उद्घाटन