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राज्य सरकार ने हाइकोर्ट में शपथपत्र दाखिल किया

राज्य सरकार ने झरखंड हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर कहा है कि यदि जांच में उड़न खटोले के गलत इस्तेमाल की बात प्रमाणित हुई, तो ऐसी उड़ान भरने वालों से प्रति घंटे 2.20 लाख की दर से राशि की वसूली की जाएगी। सरकार ने कहा है कि हेलीकॉप्टर दुरुपयोग मामले की जांच में महालेखाकार कार्यालय को पूरा सहयोग किया जा रहा है।

इसके लिए महालेखाकार को दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। शेष उड़ानों के दस्तावेज मिलने के एजी कार्यालय को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।  सरकार का कहना है कि वैसे हेलीकॉप्टर की सभी उड़ानें वैध हैं। कुल 894 उड़ानें हुई हैं। इसमें 614 उड़ानों के दस्तावेज महालेखाकार कार्यालय को दे दिए गए हैं। शेष 280 फ्लाइटों के दस्तावेज विभिन्न एजेंसियों से मंगाए जा रहे हैं।

दस्तावेज हासिल होते ही इन्हें महालेखाकार कार्यालय को उपलब्ध करा दिया जाएगा। दस्तावेजों की मांग झरखंड भवन के स्थानीय आयुक्त से भी की गई है। इसके अलावा विभिन्न जिलों के उपायुक्तों को भी पत्र लिखा गया है। 894 उड़ानों में से 138 ध्रुव और 745 उड़ानें चार्टर- लीज की हैं। इसमें 616 के दस्तावेज  दे दिए गए हैं। राज्यपाल सचिवालय से चार, सीएमओ से 384, डीजीपी से 50 एवं गृह विभाग से एक उड़ान को मंजूरी मिली है। टूर प्रोग्राम के लिए उपायुक्तों से 127 फ्लाइट की अनुमति मिली है। शेष 280 उड़ानों के दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं, जो ट्रेनिंग, मेंटनेंस से संबंधित है।

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  • Web Title:हेलीकॉप्टर में अवैध उड़ाने भरनेवालों से राशि वसूलेगी सरकार