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28 फरवरी, 2020|4:16|IST

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वित्तरहित शिक्षाकर्मियों ने धरना दिया, ज्ञापन सौंपा

इंटर कॉलेजों को प्रस्वीकृति, हाई स्कूल स्थापनानुमति नियमावली में संशोधन, अनुदान, अधिग्रहण समेत अन्य मांगों को लेकर वित्तरहित शिक्षाकर्मियों ने सात अगस्त को सभी जिलों में धरना के बाद ज्ञापन सौंपा। रांची में धरना बिरसा चौक पर हुआ। कहा कि अगले माह दिल्ली में संघर्ष होगा। 12 को राजभवन के समक्ष धरना के कारण राज्य के सभी अनुदानित स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे।

झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के रघुनाथ सिंह-सुरेंद्र झ ने कहा कि 25 साल से बिना वेतन के बच्चों को संवारनेवाले शिक्षकों का भविष्य अब तक अधर में है। आर्थिक अभाव में 500 से ज्यादा शिक्षाकर्मियों की मौत एवं सौ से ज्यादा इलाज नहीं करा पा रहे हैं। अक्तूबर तक आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलेगा। इसके बावजूद सरकार नहीं मानी, तो शिक्षाकर्मी आत्मदाह करेंगे।

अनुदान मिलना भी शुरू हुआ, तो दूसरे साल ही दस करोड़ से घटाकर एक करोड़ कर दिया गया। 18 अगस्त को प्रदर्शन होगा। 20 अगस्त को राजभवन के समक्ष प्रदर्शन में छात्र-छात्रएं भी शामिल होंगे। राज्य के प्राइमरी से लेकर इंटरकॉलेज के शिक्षाकर्मियों के भविष्य का सवाल है।

इस बार आर-पार की लड़ाई के लिए शिक्षाकर्मी संकल्पित हैं। धरना को रतन कुमार पांडेय, अनिल कुमार, मधुसूदन महतो, एम रहमान, सुदर्शन सिंह, मंशु महतो, सिबिरिया टोप्पो, अशफाक आलम, सुदर्शन सिंह, मंजू रानी, केसी गुप्ता, एस अहमद समेत अन्य ने संबोधित किया।

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