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24 फरवरी, 2020|2:06|IST

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विधानसभा में प्रस्ताव लाने पर उठाए सवाल, सरकार पर असंवैधानिक काम करने का आरोप

राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार को विधानसभा में बजट मैनुअल में संशोधन का प्रस्ताव लाना विपक्ष को ऐसा नागवार गुजरा कि पूरे विपक्ष ने इसे ‘असंवैधानिक’ बताते हुए सदन का ही बहिर्गमन किया। अन्तत: सम्पूर्ण विपक्ष की नामौजूदगी में इस प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।

प्रदेश के संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री लालजी वर्मा ने जैसे ही प्रस्ताव सदन में रखा, विपक्ष आक्रामक हो गया। समाजवादी पार्टी के अम्बिका चौधरी ने कहा कि सरकार ही बजट मैनुअल बनाती है। इसलिए वह इसे संशोधित कर सकती है। इस प्रस्ताव को विधानसभा में लाने की कोई जरूरत नहीं है। इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए हम सभी सदस्यों को शामिल करने का औचित्य समझ में नहीं आ  रहा है।

भाजपा के हुकुम सिंह ने कहा कि प्रस्ताव को हम लोगों ने पढ़ा भी नहीं। सरकार इसे तत्काल पारित कराना चाहती है। हम कोई प्रस्ताव जल्दबाजी में पारित करना नहीं चाहते क्योंकि कहीं यह बाद में असंवैधानिक करार दे दिया गया तो इस सदन की गरिमा गिरेगी।

वित्त मंत्री लालजी वर्मा ने कहा कि बजट मैनुअल 1962 में बना था। आज बजट का आकार बढ़ा है। इसलिए तमाम तरह की दिक्कतें हो रही थीं। मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद ही यह प्रस्ताव विधानसभा में लाया गया है। न्याय विभाग तथा सीएजी का भी यही मत था। बहरहाल,  विपक्ष श्री वर्मा के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुआ।

भाजपा विधानमण्डल दल के नेता ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि कि सरकार की मंशा खराब लग रही है। इसी पार्टी के सुरेश खन्ना ने प्रस्ताव के औचित्य पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भी इसे असंवैधानिक करार दिया। बाद में विपक्ष ने सदन का बहिर्गमन किया।

 

 

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  • Web Title:सरकार ने बजट मैनुअल बदला, विपक्ष का वाकआउट