DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

निष्पक्षता के लिए और सुधारों की जरूरतः विधि आयोग

निष्पक्षता के लिए और सुधारों की जरूरतः विधि आयोग

विधि आयोग ने सिफारिश की है कि उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले किसी वकील को उसी अदालत में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न्याय की निष्पक्षता प्रभावित होती है।

आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह के सुधारों की आवश्यकता है क्योंकि ऐसे जजों के बारे में शिकायतें मिलती रही हैं, जिन्हें उसी उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जहां उन्होंने वर्षों तक वकालत की प्रैक्टिस की।

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एआर लक्ष्मणन द्वारा सौंपी गई 230 पृष्ठ की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे अवसर होते हैं जब वकील से न्यायाधीश बनने वाले कभी अपने साथ काम कर चुके वकीलों से या तो बदले की भावना रखते हैं या फिर उनके प्रति मैत्री भाव रखते हैं। इस तरह किसी भी हालत में निष्पक्षता प्रभावित होती है और न्याय नहीं हो पाता।

बुधवार को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप चुके उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि हम अक्सर अंकल जजों के बारे में शिकायतें सुनते हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी उच्च न्यायालय में बीस पच्चीस साल तक वकालत करता है और फिर वह उसी उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बन जाता है तो उसमें रातोंरात परिवर्तन संभव नहीं है। उसके सहकर्मी वकील और यहां तक कि परिजन भी होते हैं जिन्होंने उसके साथ प्रैक्टिस की होती है।

आयोग ने पारिवारिक और राजनीतिक संपर्कों के आधार पर वकीलों के स्तर को उठाकर उन्हें किसी पीठ में शामिल किए जाने पर भी चिंता जताई। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई बार ऐसा लगता है कि इस उच्च कार्यालय को कहीं से संरक्षण मिलता है। ऐसा व्यक्ति जिसका करीबी रिश्तेदार या शुभचिंतक उच्च अदालतों में न्यायाधीश हो या कभी न्यायाधीश रहा हो या वरिष्ठ वकील हो या फिर उसके उच्च राजनीतिक संपर्क हों तो उस व्यक्ति के पीठ में शामिल होने के अधिक अवसर होते हैं ।

आयोग ने यह भी कहा है कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद तबादले वाला नहीं होना चाहिए, ताकि वह प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम हो सके। आयोग ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश जो छह महीने, एक या दो साल की कम अवधि के लिए स्थानांतरण पर आता है, वह नया आदमी होता है, जगह के लिए अजनबी होता है और वह किसी भी तरह अपना समय गुजारता है। उसे प्रशासनिक मामले में नीतिगत फैसलों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना होता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:निष्पक्षता के लिए और सुधारों की जरूरतः विधि आयोग