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अवैध रूप से मांस बेचते लोगों को भीड़ ने छुड़ाया

जैतपुरा थाना क्षेत्र के कच्चीबाग स्थित बसनिया मुहल्ले में गो-मांस की बिक्री की सूचना पर मारे गए छापे में चार लोग पकड़े गए, लेकिन भीड़ ने उन्हें छुड़ा लिया। छापामार दल का दावा है कि उसने मौके पर करीब दो कुंतल मांस बरामद किया था। कड़े विरोध के चलते छापामार दल को मांस भी छोड़कर भागना पड़ा।

अवैध रूप से बेचे जाने वाला यह मांस रोजाना तड़के गाजीपुर जिले के सैदपुर से यहां लाया जाता था और नगर निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत से उसकी बिक्री की जाती थी। छापामार दल का नेतृत्व कर रहे प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डा.मोहम्मद शमी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

खास यह है कि पुलिस ने रिपोर्ट में गो-मांस का उल्लेख नहीं किया है। नगर निगम एक्ट की धारा 432 (क) और 550 के तहत मेराज, विशार, इम्तियाज व सलाउद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हालांकि डा. शमी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा.बीके सिंह ने दावा किया कि छापामार दल ने गो-मांस ही बरामद किया था। प्रतिबंधित मांस बेचने वालों ने शुरू में उन्हें लालच देने की कोशिश की।

डा.शमी को बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कच्चीबाग इलाके में इन दिनों बड़े पैमाने पर गो-मांस की बिक्री हो रही है। इस सूचना पर डा.शमी अपने साथ नगर निगम के तीन कर्मचारियों को लेकर सुबह करीब 8.15 बजे कच्चीबाग इलाके के बसनिया मुहल्ले में पहुंचे। शबे-बारात होने की वजह से आज मांस की दुकानों पर सुबह से ही लाइन लगी थी। छापे की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में चार दुकानों से करीब दो कुंतल मांस बरामद किया गया। पुलिस जब मांस के साथ आरोपितों को साथ ले जाने लगी तो भीड़ उन्हें रोकने लगी।

बाद में छापामार दल का कड़ा विरोध शुरू हो गया। अंतत: छापामार दल को बैरंग लौटना पड़ा। बाद में डा.शमी ने जैतपुरा थाने को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही मांस बेचने वाले अपनी दुकानें बंदकर फरार हो गए। छापामार दल में डा.शमी के अलावा लिपिक मुमताज, सफाई नायक शमीउल्लाह, फार्मासिस्ट अवधेश द्विवेदी शामिल थे।

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