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28 जनवरी, 2020|3:26|IST

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तालाबंदी से 2.5 अरब का कारोबार प्रभावित

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंककर्मियों ने लंबित मांगों के समर्थन में गुरुवार से दो दिनी देशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलन में शामिल जनपद के किसी भी बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय व उनकी शाखाओं के ताले नहीं खुले।

हड़ताल को सफल बनाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया व इलाहाबाद बैंक के अफसर व कर्मचारियों ने संबंधित संगठनों के बैनर तले क्षेत्रीय कार्यालयों पर जबरदस्त धरना-प्रदर्शन किया। इन बैंकों में चेक क्लीयरेंस, करेंसी चेस्ट समेत पीएनबी क्लीयरेंस हाउस आदि अन्य सेवाएं ठप रहने से लेनदेन नहीं हुआ। इन बैंकों से जुड़े अधिकांश एटीएम ठप रहने से निजी क्षेत्र के एटीएम सेंटरों पर लंबी कतार दिखी।

इधर, ग्रामीण बैंक हड़ताल से भले ही विरत रहे लेकिन कमर्शियल बैंकों से फंड का आदान-प्रदान न होने से उनके बड़े ग्राहकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर यूपीटीयू की काउंसिलिंग संबंधी ड्राफ्ट बनवाने के लिए सैकड़ों अभ्यर्थी व उनके अभिभावक दिनभर भटकते रहे। हड़ताल के कारण सिर्फ बैंकों में ही करीब ढाई अरब रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। बैंकों की हड़ताल के समर्थन में भेलूपुर के एलआईसी मंडलीय कार्यालय पर वाराणसी डिवीज़न इंश्योरेंस इंप्लाइज़ एसोसिएशन ने भोजनावकाश पर धरना दिया।

हड़ताल की अगुवाई यूपी बैंक इम्लाइज़ यूनियन की स्थानीय इकाई ने की। विभिन्न स्थानों पर हुए धरना-प्रदर्शन में वक्ताओं ने वेतन समझौते को लेकर इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के नकारात्मक रवैये की निंदा करते हुए केंद्र सरकार की अनावश्यक दखलंदाजी की आलोचना की। चेतावनी दी, यदि मांगें पूरी न हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उधर ग्रामीण बैंक आफिसर्स कांग्रेस (इंटक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रियरंजन श्रीवास्तव व स्थानीय इकाई के अध्यक्ष श्यामनाथ सिंह ने चेतावनी दी है कि मांगे पूरी न हुईं तो भविष्य में ग्रामीण बैंक भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।

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  • Web Title:बैंकों की दो दिनी हड़ताल शुरू