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31 मार्च, 2020|11:59|IST

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30 जुलाई तक प्रदेश के 58 जिले सूखाग्रस्त घोषित


उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सूखाग्रस्त जिलों को राहत पहुँचाने के लिए केन्द्र सरकार से 7789.14 करोड़ रूपए का राहत पैकेज मांगा है। प्रदेश के कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने गुरूवार को केद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार से नई दिल्ली में मुलाकात की और उनसे सूखा राहत पैकेज पेश कर सूखा राहत कार्यो के लिए जरूरत भर की धनराशि तत्काल प्रदेश सरकार को उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।

सरकारी प्रवक्ता ने यहाँ बताया कि पिछले कई वर्षो के दरम्यान प्रदेश में इतनी कम बारिश और ऐसे गम्भीर सूखे की नौबत नहीं आई। सूखे के कारण भूगर्भ जल स्नेतों के स्तर में गिरावट और नदियों में पानी की कमी होने से वैकल्पिक सिंचन क्षमता भी घट गई है, जिसके फलस्वरूप इस वक्त खरीफ की फसल के साथ-साफ आगामी रबी की फसल पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका है। वर्षा न होने की वजह से धान की बोवाई  लक्ष्य के सापेक्ष 51.36 प्रतिशत और खरीफ की बोवाई लक्ष्य के सापेक्ष महज 55.14 प्रतिशत ही हो पाई है। इस वजह से 30 जुलाई तक प्रदेश के 58 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है।

प्रवक्ता के अनुसार सूखे से पैदा हुए हालात को लेकर मुख्यमंत्री मायावती काफी गम्भीर हैं और उन्होंने सूखा प्रभावित जनपदों के अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने जनपदों में सूखा राहत कार्य प्रभावी ढंग से संचालित करें। मुख्यमंत्री खुद सारे हालात पर नजर रख रही हैं ताकि सम्बंधित इलाकों में किसानों, गरीबों और असहायों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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  • Web Title:सूखा राहत के लिए केन्द्र से चाहिए 7789 करोड़