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कबाड़ बनकर रह गई इलेक्ट्रोनिक थंबिंग मशीन

फरीदाबाद पुलिस को मुहैया कराए गए हाईटेक उपकरण धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। लाखों रुपए खर्चकर शुरु किए गए जीपीएस सिस्टम की तरह पुलिस व्यवस्था को सुधारने के लिए लगाई गई अटेंडेंस थंबिंग मशीन भी ठप हो गई है। पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात पुलिस कर्मी अब फिर से रजिस्टर पर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं।


 एक वर्ष पहले तक सेक्टर-12 स्थित पुलिस मुख्यालय में तैनात पुलिसकर्मी रजिस्टर पर अपनी हाजिरी लगाते थे। कई बार शिकायतें आई कि वे हाजिरी लगाने के बाद कार्यालय से गायब हो  जाते हैं। इसको लेकर पुलिस अधिकारियों को मिलने वाली शिकायतों के आधार पर तत्कालीन एसएसपी अलोक मित्तल ने हेड क्लर्क के दफ्तर में इलेक्ट्रोनिक थ्ांबिंग मशीन लगवा दी थी। जिसे एक कंप्यूटर से कनेक्ट कर दिया गया था। उसके जरिए पुलिस कर्मियों की हाजिरी दर्ज की जाती थी। हेडक्वार्टर में तैनात सभी पुलिस कर्मियों के फिंगरप््िरांट स्कैन कर कंप्यूटर में लोड किए गए थे।

हाजिरी के लिए पुलिसकर्मी सुबह आते ही अपना अंगूठा  मशीन में लगाते थे। इसी तरह शाम को जाते समय मशीन के जरिए हाजिरी लगानी होती थी। अगूंठा लगाते ही उसके आने और जाने का समय कंप्यूटर में दर्ज हो जाता था। मशीन से हाजिरी न लगाने वाले पुलिस कर्मियों को उस दिन गैरहाजिर माना जाता था। आलोक मित्तल के ट्रांसफर के बाद कुछ दिनों तक तो  मशीन से अटेंडेंस होती रही। बाद में उसे बंद कर दिया गया। अब  पुराने तरीके से ही रजिस्टर पर हाजिरी ली जा रही है। करीब एक लाख रुपए खर्च की यह अत्याधुनिक तकनीकि कबाड़ बन कर रह गई है। हेडक्वार्टर में तैनात पुलिस कर्मियों के मुताबिक कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए इसे जानबूझकर खराब कर दिया। डीएसपी राम कुमार मलिक के मुताबिक कुछ तकनीकी कमी के कारण  मशीन बंद है। इसे जल्द चालू करा दिया जाएगा।

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