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भूमि सुधार आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने के लिए सीपीआई करेगी आंदोलन

 भूमि सुधार आयोग की रिपोर्ट लागू करने को लेकर राजनीतिक दलों ने तलवारें खींचनी शुरू कर दी है। सीपीआई ने रिपोर्ट लागू करने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदेश सीपीआई का कहना है कि भूमि सुधार कानून की गलतियों को ठीक करने के लिए ही नीतीश कुमार ने डी. बंदोपाध्याय की अध्यक्षता में सुधार कमेटी बनायी।

कमेटी ने जो रिपोर्ट सौंपी उससे ग्रामीण भूमिहीनों खासकर महादलितों के जीवन में बुनियादी बदलाव आने की संभावना है। पर भूस्वामियों एवं दबंगों को स्वार्थो को चोट पहुंचाने वाली इस रिपोर्ट को अमलीजामा पहनाने से सरकार अब बच रही है।

पार्टी के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य मो. जब्बार आलम ने कहा कि भूमि सुधार आयोग की रिपोर्ट लागू करने से बचने और उसे ठंडे बस्ते में डालने के लिए सरकार तर्क दे रही है कि रिपोर्ट अपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक 15 एकड़ की हदबंदी लागू हो तो 20 लाख 95 हजार एकड़ अतिरिक्त जमीन अवैध कब्जे से मुक्त होगी।

यह जमीन पूर्व जमींदारों, बड़े भूस्वामियों और दबंगों के कब्जे में है। राज्य सरकार इसी कार्रवाई से भाग रही है। रिपोर्ट के लागू होने से महादलितों को भी फायदा होने वाला है। उन्हें रहने और खेती करने की जमीन उपलब्ध हो जाएगी।

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  • Web Title:राजनीतिक दलों ने शुरू की तलवारें खींचनी