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‘आवास का कोई सिस्टम ही नहीं’

 सभापति ताराकांत झा ने अधिकारियों के साथ बैठक की तो कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए। सभापति यह जानकर हैरान हो गए कि कर्मचारियों के आवास के लिए कोई सिस्टम ही नहीं है और न ही कोई कानून है।

आवास आवंटन में कोई निश्चित प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया है। इसके कारण कई कर्मचारी 30 वर्षो की सेवा के बाद भी सरकारी आवास नहीं प्राप्त कर सके हैं जबकि कई कर्मचारियों को तीन वर्ष की सेवा में ही सहजता से आवास आवंटित हो गई है।

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