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40 और दवाएं मुफ्त मिलेंगी, फायदे में रहेंगे ओपीडी के रोगी

 सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए खुशखबरी है। उन्हें 40 और दवाएं मुफ्त मिलेंगी। अब तक 193 तरह की दवाएं सरकारी अस्पतालों में मुफ्त बांटी जा रहीं हैं। आवश्यक दवाओं की सूची तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

सिविल सर्जनों ने स्वास्थ्य विभाग से गुजारिश की थी कि कुछ और आवश्यक दवाएं मुफ्त दी जाए तो गरीबों को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जनों की मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार किया और तय किया और 40 और दवाएं मुफ्त बांटी जाए। इनमें अधिसंख्य दवाएं ओपीडी (बाह्य रोग विभाग) में बांटी जाने की उम्मीद है।

डाक्टरों का कहना है कि भर्ती होने वाले मरीजों (आईपीडी) को दी जाने वाली मुफ्त दवाओं की संख्या पहले से ही ठीक है। ओपीडी में कुछ दवाएं बढ़ जाएंगी तो दूर-दराज के मरीजों को दवा के लिए खाक नहीं छाननी पड़ेगी।
फिलहाल चार अलग-अलग स्तर के अस्पतालों में बांटी जाने वाली मुफ्त दवाओं की संख्या अलग-अलग है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अस्पताल तीनों जगह ओपीडी के मरीज को 33-33 दवाएं मुफ्त दी जा रही है। वहीं भर्ती मरीज को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में 37, जिला अस्पताल में 107 और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 98 दवाएं मुफ्त दी जाती हैं।

इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में भर्ती मरीज को 81 और ओपीडी के मरीज को मात्र 6 दवाएं दी जाती हैं। 40 और दवाएं बढ़ने से ओपीडी के रोगियों को ही ज्यादा फायदा होगा। इन आवश्यक दवाओं की सूची तय करने में सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेज के सुपरीटेंडेंट के साथ ही शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, सर्जरी और मेडिसीन विभाग के अध्यक्ष की राय ली गई है।

स्वास्थ्य मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति को दवाओं की सूची तैयार कर शीघ्र दर निर्धारण करने का निर्देश दिया गया है। दर निर्धारित होते ही सभी जिलों और मेडिकल कॉलेजों को राशि का आवंटन कर दिया जाएगा।

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  • Web Title:सरकारी अस्पतालों के मरीजों के लिए खुशखबरी