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15 हजार टेस्ट रन व विश्वकप जीतना लक्ष्यः सचिन

15 हजार टेस्ट रन व विश्वकप जीतना लक्ष्यः सचिन

रिकॉर्डों के एवरेस्ट पर बैठे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपनी अब तक की उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं हैं और उनकी इच्छा टेस्ट क्रिकेट में 15000 रन का आंकड़ा छूने तथा वर्ष 2011 में होने वाले विश्वकप को जीतने की है।

सचिन ने विजडन क्रिकेटर के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि मैं अपनी अब तक की उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं हूं। सुनील गावस्कर ने मुझसे कहा है कि मुझे 15000 रन बनाने हैं। उन्होंने कहा कि अगर मैं ऐसा नहीं करता हूं तो वह बहुत गुस्सा होंगे और आकर मेरा कान पकड़ेंगे। सचिन ने 159 टेस्ट मैचों में 54.58 के प्रभावशाली औसत से 12,773 रन बनाए हैं जो विश्व रिकॉर्ड है।

उन्होंने कहा कि मैं गावस्कर का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और इतने रन बनाना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। लेकिन यही मेरा एकमात्र लक्ष्य नहीं है बल्कि मेरी इच्छा 2011 में विश्वकप जीतने की भी है। इस 36 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज ने कहा कि चोटों के साथ उनका गहरा नाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा दर्द के साथ खेलता रहा हूं। पिछले तीन महीनों से मैं उंगली में चोट के बावजूद खेलता रहा। लेकिन आप अच्छी तरह जानते हैं आप कितना दर्द सह सकते हैं और अधिकांश समय मैंने इस पर काबू पाया है।

सचिन ने कहा कि मैं अब भी उसी तरह खेल सकता हूं जैसा 25 वर्ष की उम्र में खेलता था। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर साथ देना छोड़ देता है, इसलिए आपको अपनी सोच भी उसी तरह ढ़ालनी होती है। अब मुझे अपनी सोच में बदलाव लाते हुए कम से कम जोखिम उठाना होगा।

सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जॉन बुकानन की इस राय से असहमति जताई कि वह फुटवर्क का इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिससे उनके शार्ट गेंद पर आउट होने की संभावना ज्यादा हो जाती है। उन्होंने कहा कि यह बुकानन की अपनी राय है और जरूरी नहीं कि वह हर वक्त सही हों। अगर मैं शॉर्ट गेंदों को सही ढंग से नहीं खेल पाता तो अब तक रन नहीं बना रहा होता।

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बुकानन को अपनी राय बदलने की जरूरत है अन्यथा दुनियाभर के गेंदबाजों के साथ कुछ न कुछ गलत जरूर है जो उन्होंने मुझे इतने सारे रन बनाने दिए। दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन ने कभी कहा था कि सचिन में उन्हें अपना अक्स दिखता है और वह उनकी सर्वकालिक एकादश टीम में स्थान पाने वाले सचिन एकमात्र भारतीय खिलाड़ी थे। लेकिन सचिन भारत के विस्फोट बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग को अपनी बल्लेबाजी शैली के सबसे निकट मानते हैं।

सचिन ने कहा कि अभी उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है और वह भलीभांति जानते हैं कि कब क्रिकेट को अलविदा कहना है। उन्होंने कहा कि जब सही समय आएगा तो मैं क्रिकेट को अलविदा कह दूंगा। मैं अपने फैसले खुद लेता हूं।

हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि क्रिकेट के बिना जीवन की कल्पना करना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यह एक डरावना विचार है। मैंने अपना अब तक का सारा जीवन इस खेल को समर्पित किया है इसलिए इससे अलग होना मुश्किल है। लेकिन आपको इस क्षण का सामना करते हुए आगे बढ़ना होता है।

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