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नो शार्टकट

नो शार्टकट

दोस्तो, बहुत से लोगों को कहते सुना होगा कि शॉर्टकट से सब मुश्किल आसान हो जाती है। जब ट्रैफिक स्लो चल रहा होता है तो आड़ी-तिरछी गाड़ी घुमा कर शॉर्टकट मारने की जल्दी भी तुमने देखी होगी। लेकिन शॉर्टकट मारकर आगे निकलने वाले वे लोग अक्सर भूल जाते हैं कि लेन पर चलते रहने से ही वह सही समय पर पहुंच पाएंगे। जाम जैसी स्थिति के होने का एक बहुत बड़ा कारण ही ऐसे लोग होते हैं, जिन से इंतजार नहीं होता, सोचते हैं बस कैसे भी करके शॉर्टकट अपनाया जाए। सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में यही लोग एक  सबसे बड़ा कारण बनते हैं। तुम खुद ही सोचो, एक साल में तुम एक कक्षा पास करते हो। अगर तुम चाहो कि साल में एक क्लास नहीं, दो क्लास आगे बढ़ें तो नतीजा क्या होगा? तुम अपने विषयों के अच्छे जानकर नहीं बन पाओगे और आगे चलकर जब बात अपनी स्टडी को अपने प्रोफेशन में उतारने की होगी, तब अधूरा ज्ञान तुम्हें आगे बढ़ने से हरदम रोकेगा।
 
लंच टाइम में अक्सर तुम्हारे दोस्तों की खूब गपशप होती हैं। जब बात आती है कि कौन क्या बनना चाहता है तो सभी अपनी-अपनी बात रखते हैं। ऐसी ही गपशप में दसवीं में पढ़ने वाले रितेश कहते हैं, ‘यार, बस जैसे-तैसे बारहवीं कक्षा पार कर लूं तो कॉल सेंटर में जॉब कर लूंगा। सुना है उसमें कम मेहनत में ज्यादा पैसा कमाया जा सकता है। न कोई प्रोफेशनल कोर्स करने की टेंशन, न ही आगे पढ़ने की सिरदर्दी’। रितेश की बात सुनकर सभी प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाए और सभी ने उसकी बात पर सिर हिलाकर सहमति दी। तुमने देखा कि कैसे रितेश को पैसा कमाने की जल्दी है, जो अपनी पढ़ाई से जी चुराने लगा है। दोस्तो, अभी तुम्हारा वक्त है सिर्फ अपनी पढ़ाई और उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर फोकस करने का। यह वक्त रोजी-रोटी कमाने के बारे में सोचने का नहीं, बल्कि अपने हुनर को पहचानने का है। हो सकता है कि तुम में से कोई बहुत अच्छा खिलाड़ी हो या फिर इतनी कम उम्र में बेहतरीन पेंटिंग्स बनाता हो। तुम्हारी जरूरतों को तुम्हारे पेरेंट्स अपनी सामथ्र्य अनुसार पूरा करते ही हैं। अभी बस पूरी लगन से अपनी पढ़ाई के साथ स्कू ल में होने वाली अन्य गतिविधियों में जमकर हिस्सा लो, जिससे तुम्हारा शारीरिक और मानसिक विकास हो। इससे तुम जीवन में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार हो सकोगे। कुछ विशेष परीक्षाओं के लिए खास तरह की कोचिंग की जरूरत होती है। आमतौर पर इन्हें सफलता पूर्वक करने के लिए 2-3 साल का वक्त लगता है, लेकिन आज ऐसे क्रैश कोर्सेज की बाढ़ आई हुई है, जो सिर्फ 2-3 महीनों में पूरा करवाने का दावा करते हैं। तुम खुद ही सोचो कै से पूरे होते होंगे ये कोर्स।

शॉर्टकट को ना कहने की आदत सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि जीवन में जहां लगे कि शॉर्टकट से तुम्हें या फिर किसी और को कोई समस्या आ सकती है, वहां ना कहने में ही भलाई है। मान लो तुम्हें संगीत में रुचि है। आगे चलकर संगीत में नाम कमाना चाहते हो तो शॉर्टकट को बिल्कुल भूल जाओ। निरंतर रियाज ही तुम्हें संगीत का जानकार बनाएगा। इसके अलावा तुम इनडोर आउटडोर दोनों ही तरह के खेल खेलते हो। ऐसा कभी जरूर हुआ होगा कि तुमने कोई छोटी ही सही, बेईमानी की होगी। बेईमानी से तुम जीत भी गए होंगे, लेकिन क्या तुम्हारा आत्मविश्वास बढ़ेगा? जबकि तुम जानते हो कि खेल चीटिंग से जीता गया है। खेल में शॉर्टकट से जीत भले ही लूडो में अपनी गोटी खिसका कर चुपके से आगे रखने की हो या फिर फुटबाल में किसी को जानबूझकर गिराकर गोल करने की, लेकिन शॉर्टकट  से दूर तक सफलता की सीढ़ियां नहीं चढ़ी जा सकतीं। इन सबके अलावा कई बार तुम्हें रोड पार करनी होती है। तुम जानते हो कि जहां तुम्हें जाना है वह रोड के पार ही है, जबकि जेब्रा क्रॉसिंग कुछ ही कदमों की दूरी पर है। शॉर्टकट से शायद तुम कुछ मिनट पहले रोड पार कर लोगे, लेकिन कहीं कोई हादसा हो गया तो फिर क्या होगा! जेब्रा क्रॉसिंग के अलावा हमेशा सब वे व फुटओवर ब्रिज से रोड क्रॉस करो। तुमने जुआरियों के बारे में सुना या देखा जरूर होगा, जो शॉर्टकट से पैसा बनाने के फेर में खुद को तो बरबाद करते ही हैं, साथ ही अपने परिवार को भी सड़क पर ले आते हैं। अपने लिए लॉन्ग टर्म गोल बनाओ। आज की थोड़ी सी अधिक मेहनत तुम्हारे उज्जवल भविष्य की गारंटी देगी।

तुमने देखा होगा कि तुम्हारे कुछ साथी साल भर मौजमस्ती करते हैं। कभी भी न तो क्लास वर्क  में रुचि लेते हैं, न ही अभ्यास करने में यकीन करते। परीक्षा की अंतिम घड़ियों में वे मार्केट में  मौजूद छोटी-छोटी कुंजियों का सहारा लेते हैं। अगर संभावित प्रश्न, परीक्षा में आ गए तो वे जैसे-तैसे परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाते हैं, वरना उसी कक्षा में एक साल और भी बिताना पड़ जाता है। तो दोस्तो, तुम समझ ही गए होंगे कि शॉर्टकट के फेर में क्या से क्या हो सकता है।  तुम खुद ही सोचो, क्या तुम सीधे दुधमुंहे बच्चे से बड़े हो गए? नहीं। एक निश्चित समय में तुमने घुटने के बल चलना सीखा, तोतली जुबान से सही बोलना सीखा, अक्षरों को मिला कर पढ़ना सीखा अदि।

शॉर्टकट से कोई भी काम जल्दी जरूर हो सकता है, लेकिन जो सफलता कठिन डगर पर चलकर मिलती है, उसका मजा ही कुछ और होता है। तुम में से बहुत से ऐसे होंगे, जिन्हें सिर्फ शॉर्टकट फटाफट काम करने में ही मजा आता होगा, फिर बात रेलिंग को फांद कर रोड पार करने की हो या परीक्षाओं में कुंजियों का सहारा लेने की। तुम्हें इन शॉर्टकट्स से फायदा होता है या नुकसान, इस बारे में बता रहे हैं।

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