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फ्लू के साथ हौवा भी हुआ भयावह

फ्लू के साथ हौवा भी हुआ भयावह

स्वाइन फ्लू की रोकथाम के उपाय नाकाम साबित हो रहे हैं। बीमारी तेजी से फैल रही है। पुणे में छात्रा की मौत के बाद सैकड़ों लोग चैकअप के लिए सरकारी अस्पताल गए लेकिन वहां उन्हें लाठिया मिलीं। उम्मीद की किरण यह है कि नोवार्टिस ने स्वाइन फ्लू टीक के मानवीय परीक्षण शुरू कर दिए हैं। इस बीच देश में स्वाइन फ्लू के 22 नए संक्रमणों के साथ रोगियों की संख्या 596 तक पहुंच गई है।

दिल्ली में पांच और लोगों को फ्लू ने चपेट में लिया है। पुणो से मिली खबर के अनुसार छात्रा की मौत से भयभीत फ्लू लक्षणों से ग्रस्त सैकड़ों लोग फ्लू के इलाज के लिए अधिसूचित सरकारी नायडू अस्पताल पहुंचे। लेकिन वहां चैकअप के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। घंटों लोगों को लाइन में खड़े होने के वावजूद डाक्टर नहीं मिले थे तो लोगों ने हंगामा किया जिस पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस बुलाकर उन्हें भगा।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों को फ्लू नहीं था वे भी जांच के लिए आ गए। फ्लू से निपटने में सरकार का जो रवया है, उसके चलते ऐसे दृश्य आने वाले दिनों में सभी शहरों में आ सकते हैं। लंदन में नोवार्टिस के प्रवक्ता ने कहा कि स्वाइन फ्लू वक्सीन मानव परीक्षण शुरू कर दिए गए हैं। ब्रिटेन, जर्मनी और यूएस में छह हजार लोगों पर परीक्षण किए जाने हैं।

अभी तय नहीं है कि इसमें कितना इसके बाजार में आने में लगेगा। इस बीच, दिल्ली में पांच, मुंबई में 4 तथा गुड़गांव और पुणो में स्वाइन फ्लू के तीन-तीन प्रकाश में आए हैं। इसके अलावा बेंगलूर, हैदराबाद, कोलकाता, मंगलूर, जमशेदपुर, चेन्नई, होशियारपुर तथा गुरदासपुर में एक-एक रोगी प्रकाश में आए है। उधर, डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 1154 तथा संक्रमितों की संख्या 162380 तक पहुंच गई है।

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