DA Image
23 फरवरी, 2020|4:35|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सेरेब्रल पाल्सी

सेरेब्रल पाल्सी होने की वजह विकसित होते दिमाग की मोटर कंट्रोल सेंटर का खराब होना है। यह बीमारी मुख्यत: गर्भधारण (75 प्रतिशत), बच्चे के जन्म के समय (तकरीबन 5 प्रतिशत) और तीन वर्ष तक की उम्र के बच्चों को होती है। सेरेब्रल पाल्सी पर अभी शोध चल रहा है, क्योंकि वर्तमान उपलब्ध शोध सिर्फ पैडियाट्रिक रोगियों पर फोकस है। इस बीमारी की वजह से कम्युनिकेशन में दिक्कत, संवेदना, पूर्व धारणा, चीजों को पहचानना और व्यवहारिक दिक्कतें आती है। इस बीमारी के बारे में पहली बार अंग्रेजी सर्जन विलियम लिटिल ने 1860 में पता लगाया था।

वर्तमान में इस बीमारी की कोई कारगर दवा मौजूद नहीं है। मौजूदा मेडिकल उपचार अभी इस रोग और इसके साइड इफेक्ट के बारे में कोई पुख्ता परिणाम नहीं दे पाए हैं। सेरेब्रल पाल्सी को तीन भागों में बांटकर देखा जा सकता है। पहला स्पास्टिक, दूसरा एटॉक्सिक और तीसरा एथिऑइड। स्पास्टिक सेरेब्रल पाल्सी सबसे आम है। तकरीबन 70 से 80 प्रतिशत मामलों में यही होती है।

एटॉक्सिक सेरेब्रल पाल्सी की समस्या तकरीबन दस प्रतिशत लोगों में देखने में आती है। इस स्थिति में व्यक्ति को लिखने, टाइप करने में समस्या होती है। इसके अलावा इस बीमारी में चलते वक्त व्यक्ति को संतुलन बनाने में काफी दिक्कत आती है। साथ ही किसी व्यक्ति की दृश्य और श्रवण शक्ति पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। एथिऑइड की समस्या में व्यक्ति को सीधा खड़ा होने, बैठने में परेशानी होती है। साथ ही रोगी किसी चीज को सही तरीके से पकड़ नहीं पाता। उदाहरण के तौर पर वह टुथब्रश, पेंसिल को भी ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:सेरेब्रल पाल्सी