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डीमेट एकाउंट

डीमैट अकाउंट बैंक अकाउंट की तरह होता है। शेयरों कँ इलेक्ट्रॉनिक तरीके से खरीद-फरोख्त करने से धारक के लिए कई प्रक्रियाएं आसान हो जाती हैं। इसलिए इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं का ध्यान रखना जरूरी है।

- ट्रांजेक्शन स्लिप, चेक बुक की तरह होती है और इसको वैसी ही सावधानीपूर्वक रखना पड़ता है। इसके प्रति पूरी तरह आश्वस्त हो लें कि आपको डीपी (डिपॉजिटरी पाíटसिपेंट) से जो बुकलेट मिली है, उसके सीरियल नंबर की जांच कर लें। अगर आपका ब्रोकर आपसे कहता है कि आप उसे कुछ हस्ताक्षरित स्लिप दें, तो ऐसा कतई न करें, क्योंकि यह बिलकुल उसी तरह होगा, जैसे आपने किसी को चेक साइन करके दे दिया हो।

- जब आप शेयर बेचें, तो खरीदने वाले का अकाउंट नंबर और डीपी आईडी को सही तरीके से भरें। अगर आप ऑफलाइन ट्रांजेक्शन कर रहे हैं, तो डीपी को सौंपने से पहले आप स्लिप भरकर दें।

- अगर आप खरीदार हैं, तो इसके प्रति पूरी तरह से आश्वस्त हो लें कि ट्रांजेक्शन आपके डीमैट अकाउंट से ही हो और वह ब्रोकर के पूल अकाउंट से न हो।

- एसएमएस/ई-मेल अलर्ट सुविधा को सब्सक्राइब कर लें, ऐसे में आपके डीमैट अकाउंट से कोई भी ट्रांजेक्शन होने पर आपको इसकी जानकारी तुरंत हो जाएगी।

- अगर आपका डीमैट अकाउंट है, लेकिन आप इससे जल्दी-जल्दी ट्रांजेक्शन नहीं करते हैं और आपको इस बात की फिक्र है कि कहीं कोई आपके अकाउंट से ट्रांजेक्शन न कर लें। ऐसे में आप अपने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट से अनुरोध कर उसे फ्रीज या ब्लॉक करा सकते हैं।

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