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पंचायतों को दो-दो योजनाएं शुरू करने का निर्देश

राज्य में सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने नरेगा की योजनाओं को चालू रखने का निर्णय लिया है। अमूमन बरसात के मद्देनजर नरेगा के तहत किए जाने वाले काम 15 जून से ही बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन सूखे को देखते हुए इसे जारी रखा गया है।

मजदूरों को मांग के अनुसार काम मिले इसकी भी मुकम्मल तैयारी की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि पंचायतों में नरेगा के तहत कम से कम दो योजनाएं ली जाएं ताकि मजदूरों को अधिक से अधिक काम दिया जा सके।

सभी डीएम और डीडीसी(उप विकास आयुक्त) को निर्देश दिया गया है कि अधिक से अधिक काम दिया जाए। ग्रामीण विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा के अनुसार सभी डीएम और डीडीसी को इस बारे में फैक्स से सूचना दे दी गयी है कि मांग के अनुसार मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराए जाएं।

मंत्री ने यह माना कि मजदूरों को 100 दिन का काम उपलब्ध कराने का औसत कम है। साथ ही यह भी कहा कि नरेगा के तहत जो मजदूर काम मांगते हैं उन्हें काम दिया जाता है। मंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि नरेगा के लिए केन्द्र सरकार पर्याप्त राशि नहीं भेज रही है। बिहार के 14 जिलों ने राशि की मांग की है जिन्हें अभी तक पैसा नहीं मिला।

जिन जिलों को पैसा मिल भी रहा है वह पर्याप्त नहीं है। भभुआ को मात्र 1 करोड़ 64 लाख रुपए उपलब्ध कराए गए हैं जबकि वहां काम की मांग अधिक है। उन्होंने कहा कि सीवान के प्रभारी मंत्री के नाते गुरुवार को वे वहां सुखाड़ की स्थिति पर बैठक करेंगे।

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  • Web Title:नरेगा को हथियार बनाने की तैयारी