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प्रधानाचार्यो की कमी से जूझ रहे है स्कूल

दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की तैनाती के दावें हवाई साबित हो रहे हैं। बीरोंखाल प्रखंड में कतिपय विद्यालयों में प्रधानाचार्य तक नहीं है। इस अव्यवस्था से पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

ब्लाक में 14 शासकीय विद्यालयों में से 8 में प्रधानाचार्य नहीं है। जिसमें राइंका घोडियानाखाल, बीरोंखाल, सैंधार, जीजीआईसी बीरोंखाल, भगतवती तलीया, बाडा डांडा, भरोलीखाल, ढौंड शामिल है। यही नहीं अशासकीय विद्यालयों की स्थिति भी ठीक नहीं है। सात में से 4 इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य नहीं है।

हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों में बोरखिंडा, भमराईखाल, थापला आदि विद्यालयों में प्रधानाचार्यो की कुर्सी खाली है। इधर, ब्लाक में शिक्षा व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी है। ब्लाक प्रमुख जोगेंद्र बिष्ट का कहना है कि क्षेत्र में प्रधानाचार्य विहीन विद्यालयों के बाबत कई दफे शासन-प्रशासन से संपर्क किया गया लेकिन स्थिति जस की तस है। उनका कहना था कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी वार्ता की जाएगी।

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