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वर्षों तक अछूता रह सकता है मुरली का रिकार्ड

वर्षों तक अछूता रह सकता है मुरली का रिकार्ड

स्पिन के जादूगर मुथैया मुरलीधरन अगले साल नवंबर में जब टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहेंगे तो उनके विकेटों की संख्या जिस आंकड़े पर ठहरेगी वहां तक पहुंचना फिलहाल किसी भी गेंदबाज के लिये संभव नहीं दिख रहा है क्योंकि हरभजन सिंह जैसे स्पिनर को भी उसके लिये 100 से अधिक टेस्ट मैच खेलने होंगे।

अब तक 127 टेस्ट मैच में रिकार्ड 770 विकेट लेने वाले मुरलीधरन ने हाल में घोषणा की कि वह अगले साल नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। कभी 1000 टेस्ट विकेट लेने का सपना देखने वाले मुरलीधरन को नवंबर 2010 तक आठ टेस्ट मैच खेलने को मिलेंगे जिसमें वह 800 विकेट का जादुई आंकड़ा छू सकते हैं।

वर्तमान में टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले दस गेंदबाजों में केवल मुरलीधरन ही अभी खेल रहे हैं। इस श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर के बाद अपने टेस्ट कैरियर जारी रखने वाले गेंदबाजों में सबसे अधिक विकेट मखाया एनटीनी के नाम दर्ज हैं जिन्होंने 99 मैच में 388 विकेट लिये हैं लेकिन पिछले कुछ समय से वह प्रभावशाली प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं।

ऐसे गेंदबाजों में हरभजन सिंह ही ऐसे हैं जो 600 या इससे अधिक टेस्ट लेने की स्थिति में दिख रहे हैं। यह भारतीय आफ स्पिनर यदि मुरलीधरन की तरह 38 साल तक टेस्ट कैरियर जारी रखकर लगातर लंबी अवधि के खेल में बने रहते हैं तो फिर वह उनके रिकार्ड के करीब पहुंच सकते हैं।

हरभजन ने 77 टेस्ट मैच में 330 विकेट लिये हैं और मुरलीधरन के वर्तमान विकेटों की संख्या से 440 विकेट पीछे हैं। इस 29 वर्षीय आफ स्पिनर ने अभी तक प्रति मैच 4.28 की दर से विकेट लिये हैं और यदि वह इसी दर से विकेट लेते रहे तो मुरली के रिकार्ड तक पहुंचने के लिये उन्हें कम से कम 103 टेस्ट मैच और खेलने होंगे।

वैसे पिछले दो साल में हरभजन ने 4.60 की दर से विकेट लिये और इस दर से भी उन्हें मुरली तक पहुंचने के लिये लगभग 96 टेस्ट मैच और खेलने होंगे। श्रीलंकाई स्पिनर ने अपने कैरियर में 6.06 प्रति मैच की दर से विकेट लिये हैं।

हरभजन के अलावा वर्तमान में टेस्ट क्रिकेट में खेल रहे गेंदबाजों में ब्रेट ली-310, डेनियल विटोरी-293, जाक कैलिस-258 आदि मुरलीधरन से मीलों पीछे हैं।

सिर्फ टेस्ट ही नहीं वन डे में भी मुरलीधरन के रिकार्ड तक पहुंचने की स्थिति में फिलहाल कोई गेंदबाज नहीं दिख रहा है। मुरली के नाम पर अभी 332 मैच में 511 विकेट दर्ज हैं और 2011 में होने वाले विश्व कप तक वह इसे 600 विकेट के करीब पहुंचा सकते हैं।

वर्तमान में जो गेंदबाज वन डे में बने हुए हैं उनमें मुरली के बाद उनके हमवतन चमिंडा वास-400 विकेट का नंबर आता है जिनकी राष्ट्रीय टीम में जगह पक्की नहीं मानी जा रही है। ब्रेट ली-303, एनटीनी-266, शाहिद अफरीदी-255, विटोरी-241, जहीर खान-225 और हरभजन-210 उनसे काफी पीछे हैं।

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