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राखी का स्वयंवर कहीं से भी शास्त्र सम्मत नहीं

भारतीय संस्कृति का मजाक उड़ाया : अविमुक्तेश्वरानंद
स्वयंवर के नाम पर सिर्फ नाटक : नरेन्द्रानंद सरस्वती
घटिया मानसिकता का प्रतीक : रामेश्वरपुरी
भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं : स्वामी रामाधीन
इससे नष्ट हो जाएगी संस्कृति : बटुक प्रसाद शास्त्री
राखी सावंत को समाज माफ नहीं करेगा: श्रीप्रकाश

आइटम गर्ल राखी सावंत के स्वयंवर को काशी के विद्वान व संत कहीं से शास्त्र सम्मत नहीं मानते है। बोले, इससे भारतीय संस्कृति का मजाक उड़ाया गया। कम से कम चैनलवालों को इसका प्रसारण नहीं करना चाहिए था। लोगों ने इस स्वयंवर का हस्र भी देख लिया।


शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि शास्त्रों में आठ तरह के विवाह बताए गए है जिनमें गांधर्व विवाह ऐसा विवाह है जिसमें कन्या स्वयं पति का वरण करती है लेकिन राखी सावंत का स्वयंवर इस कोटि में नहीं आता। यह स्वयंवर शास्त्र सम्मत नहीं है। भारतीय संस्कृति का इसमें मजाक उड़ाया गया। सुमेरुपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि आज सब शास्त्र विरुद्ध ही हो रहा है। स्वयंवर तो शास्त्रों में भी वर्णित है। सीता का भी स्वयंवर हुआ। लेकिन उनका ‘फाइनल’ एक ही दिन में हुआ। राखी सावंत ने यह स्वयंवर कर आडम्बर व पाखंड के नाम पर केवल नाटक किया। इसमें असली स्वयंवर का मजाक उड़ाया गया। यह विधि व लोक सम्मत नहीं है। राखी का स्वयंवर सस्ती लोकप्रियता तथा व्यवसायीकरण के लिए था। इसमें भारतीय संस्कृति का मखौल उड़ाया गया। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वरपुरी ने कहा कि सीता जैसी पवित्र जिनको माता के रूप में हम पूजते हैं। उनकी उपमा देते हुए राखी सावंत ने अपने स्वयंवर को सार्थक सिद्ध करने की कोशिश की वह एक घटिया मानसिकता का प्रतीक है। यह शास्त्र के अनुकूल नहीं था। इसमें ड्रामा ज्यादा था। राघव मंदिर अस्सी के महंत रामाधीन दास भी राखी के स्वयंवर को न तो शास्त्र सम्मत मानते हैं और न ही भारतीय संस्कृति के अनुकूल। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री पं. बटुक प्रसाद शास्त्री ने कहा कि यह शास्त्र के विरुद्ध है। इसको देखना भी अपराध है। इससे हमारी संस्कृति नष्ट हो जाएगी। इलेक्ट्रानिक मीडिया से निवेदन है कि इस तरह के समाचारों को प्रश्रय न दें। काशी विद्वत परिषद न्यास के श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि यह शास्त्र के बिलकुल विपरित है। पहले जो स्वयंवर होते थे उसे माता-पिता कराते थे। राखी सावंत के स्वयंवर को समाज कभी माफ नहीं करेगा।

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