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सब इंस्पेक्टर पुत्र गिरफ्तार, पाँच नामजद, 50 अज्ञात पर मुकदमा

अंबेडकर विवि के इतिहास की यह सबसे शर्मनाक घटना है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने ज्ञापन लेने आए कुलपति प्रो. केएन त्रिपाठी को खींच लिया। उनका हाथ मरोड़ डाला। धक्का दिया। अभद्रता की। गनर और शिक्षकों के साथ भी छात्रों की गुत्थमगुत्था हुई। सुरक्षा गार्ड और शिक्षकों ने किसी प्रकार वीसी को बचाया और सुरक्षित चैंबर तक पहुँचाया। देर शाम तक इस मामले में एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि पाँच नामजदों समेत 50-60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।


घटना दोपहर करीब ढाई बजे की है। छात्र समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का ज्ञापन लेते समय कुलपति पर छात्रों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाने शुरू कर दिए। कुलपति इस पर बिफरे। कहा कि जब मुङो भ्रष्टाचारी कह दिया है तो ज्ञापन लेकर क्या करूंगा। वे यह कहकर मुड़े ही थे कि एक प्रदर्शनकारी ने उनका हाथ खींच लिया। वीसी का हाथ मुड़ गया और वे गिरते- गिरते बचे। छात्र इस पर भी नहीं माने। धक्का-मुक्की चालू कर दी। कुलपति के गनर, आवासीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. मनोज श्रीवास्तव, डा. यूएन शुक्ला आदि शिक्षकों ने उन्हें छात्रों के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की। इन शिक्षकों से भी विद्यार्थियों ने अभद्रता कर दी। कुछ देर की गुत्थमगुत्था के बाद वीसी को किसी प्रकार बचाकर छात्रों के बीच से निकाल उनके कार्यालय पहुंचाया गया। इधर घटना की सूचना पर शिक्षक, कर्मचारियों ने विवि के द्वार बंद कर दिए। काम ठप कर दिया। घटना से आहत कुलपति इसके बाद सीधे खंदारी स्थित अपने आवास की ओर रवाना हो गए। वीसी का हाथ मरोड़ने वाला मुकेश कुमार नामक यह छात्र एबीवीपी अलीगढ़ इकाई का सदस्य बताया जाता है। देर शाम पुलिस ने गोकुलपुरा चौकी इंचार्ज रामबाबू पाठक के पुत्र पंकज पाठक को गिरफ्तार कर लिया है। इसे आईईटी से अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में एबीवीपी के अमित दिवाकर, पंकज पाठक, महेश कुमार, मुकुल शुक्ला, हरवीर चाहर समेत 50-60 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 148, 323, 504, 353 और 332 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

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