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म्यूचुअल फंड बेचना

जब बात म्युचुअल फंड की होती है, तो हमेशा कहा जाता है कि इनमें लांग टर्म निवेश ही फायदे का सौदा है, लेकिन म्युचुअल फंड में कभी-कभी ऐसी स्थिति आती है, जिसमें म्युचुअल फंड को बेचना ही बेहतर होता है।

लगातार खराब प्रदर्शन
जो म्युचुअल फंड लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर रहे हो, लेकिन आपने उनको उनके पुराने बेहतर रिकॉर्ड के आधार पर खरीदा हो, को बेचने में ही भलाई है। इनको बेचने वक्त इस बात का भी ध्यान रखें कि क्या इन म्चुचुअल फंड ने अच्छे समय में भी खराब परिणाम दिया है।

स्टेज में परिवर्तन
निवेश हमेशा जिंदगी हमेशा कुछ उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया जाता है और इसको निर्धारित करने में व्यक्ति की उम्र के मुताबिक जरूरतें खासी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अगर आपको लगता है कि आपका फंड उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर पा रहा हैं, तो इसे बेचने में ही भलाई है।

उदाहरण के तौर पर यदि आप रिटायरमेंट के नजदीक है और आपका फंड लगातार घाटे में जा रहा है, तो उसे बेहतर समय देखकर निकाल लें और ऐसी जगह पैसा लगाए, जहां आपका पैसा सीक्योर रिटर्न दें।
 
उद्देश्यों की पूर्ति
अगर फंड कम समय में ही आपकी अपेक्षा के अनुरूप प्रॉफिट दे रहा हो, तो उसे बचाने में ही समझदारी है। दीर्घकालिक निवेश करके और ज्यादा लाभ के बारे में सोचना बेहतर फैसला नहीं होगा। क्योंकि आगे आने वाले समय में आपका फायदा कम भी हो सकता है। ऐसे में मिले पैसे को दूसरे फंडो में निवेश करने के बारे में विचार करना चाहिए।

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