DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रोते-रोते कब बन गया मेधावी पता ही न चला

आइये आपको एक बच्चे से मिलाते हैं। एक ऐसा बच्च जिसकी रोने व शैतानी की आदत से परेशान तीन स्कूलों ने दाखिले लेने के बाद उसे स्कूल से निकाल दिया। बड़े स्कूल में बच्चे को पढ़ाने का सपना संजोए अभिभावको ने इन्हीं स्कूलों में उसे पढ़ाने की काफी कोशिश की मगर बात न बनी। हारकर अभिभावकों ने बड़े न सही मगर एक प्रतिष्ठित स्कूल में बच्चे का दाखिला करा दिया। आज वह बच्च कक्षा चार में हैं और उसकी परफार्मेस देखकर स्कूल वाले ही नहीं अभिभावक भी दंग हैं।


दिल्ली पब्लिक स्कूल, कैंब्रिज और एपीजे स्कूल में यूकेजी में इशांत खन्ना को अभिभावकों ने दाखिला तो दिया मगर उसकी गला फाड़कर कर लगातार रोने की आवाज के कारण उसे स्कूल से निकाल दिया गया। स्कूल वालों का तर्क था कि बच्च इतना शैतान और रोने वाला है कि उसे यहां पढ़ना संभव नहीं है। बच्च न तो खुद पढ़ेगा और न ही अन्य बच्चों को पढ़ने देगा। अभिभावकों ने बच्चे का दाखिला रॉकवुड स्कूल में करा दिया। स्कूल के प्रमुख सुनित टंडन ने बताया कि शुरुआत में एक-दो दिन बच्चे को रखना मुसीबत साबित हो रहा था। बच्च इतना रोता कि संभलता ही नहीं था। चैलेंज समझकर जैसे-तैसे बच्चे को पढ़ाया गया। इस समय इशांत कक्षा तीन में है और पढ़ाई में गजब की परफार्मेस दे रहा है। टंडन ने बताया कि गणित, साइंस और अंग्रेजी में बच्चे की परफार्मेस बेस्ट है। स्पोकेन इंग्लिश में स्मार्ट इतना है कि बड़े-बड़ों को पछाड़ दे। इंशात से बात की गई तो उसने शैतानी की बात तो मानी मगर रोने की आदत अब उसे याद ही नहीं है। टंडन ने बताया कि शहर में होने वाली प्रतियोगिताओं में भी बच्च भाग लेता है और स्पोर्ट्स में क्रिकेट खेलता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:रोते-रोते कब बन गया मेधावी पता ही न चला