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अफसरशाही पंचायतों की राह में बाधक :अय्यर

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के अध्यक्ष मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने ग्राम पंचायतों को अधिकार प्रदान करके विकास का जो सपना देखा था वह अफसरशाही के चलते पूरा नहीं हो पाया हैं।

अय्यर ने शुक्रताल में ग्राम प्रधानों और पंचायती राज प्रतिनिधियों के एक दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने 1994 में गरीबी उन्मूलन के लिए 7500 करोड़ रुपए बजट में आवंटित किए थे और 15 वषरें में यह राशि बढ़कर एक लाख बीस हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है लेकिन इसके बावजूद जनता का कल्याण नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि केन्द सरकार विकास योजनाओं के लिए जो धनराशि भेजती हैं वह जिलाधिकारी,क्षेत्र विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और पटवारी तक तो पहुंचती है लेकिन बाद में इस राशि का पता नहीं चलता कि क्या यह वाकई जरुरतमंद वर्ग तक पहुंची है या नहीं।

अय्यर ने कहा कि राज्य में अभी भी नौकरशाही का राज कायम है और इसकी लंबी कार्यप्रणाली के चलते योजनाएं बीच में ही अटक कर रह जाती है। इस मौके पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के हकों की लडा़ई लड़ने के लिए ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वर्ष 2007 में पंचायत राज संगठन का गठन किया था।

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